
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए गए विशेष अभियान ऑपरेशन आहट के तहत मंगलवार 17 फरवरी 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ नाबालिग बच्चों को बाल तस्करी से मुक्त कराया गया। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले किया गया।वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त देवांश शुक्ला के निर्देशन में गठित टीम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से चेकिंग करते हुए वाराणसी की ओर आ रही ट्रेन में संदिग्ध गतिविधि देखी। जनरल कोच में तीन नाबालिग बच्चे दो पुरुषों के साथ डरे-सहमे पाए गए। पूछताछ में पता चला कि बच्चों को बाल मजदूरी के लिए गुजरात ले जाया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि दो बच्चे पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर क्षेत्र से और एक बच्चा बिहार के कटिहार से मजदूरी के लिए भेजा जा रहा था। आरोपियों ने स्वीकार किया कि बच्चों से 14 घंटे तक काम कराया जाना था और बदले में 8 से 10 हजार रुपये दिए जाते।
आगे की तलाशी में पांच और नाबालिग बच्चे ट्रेन में अकेले मिले, जिन्हें सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। सभी आठ बच्चों को संरक्षण हेतु चाइल्डलाइन वाराणसी को सौंप दिया गया। पकड़े गए दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए वाराणसी पुलिस को सुपुर्द किया गया। मामले में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इस संयुक्त कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल, सामाजिक संस्था एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन तथा अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बच्चों को सुरक्षित बचाकर बेहतर भविष्य की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।




