
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है जिसने पूरे जनपद में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय नगला खरग ब्लॉक हाथरस में अनाधिकृत रूप से कार्यरत सहायक अध्यापक गौरव शर्मा ने गोपनीय मूल पत्रावलियों की छाया प्रति विपक्षी सुबोध पाठक तक पहुंचाई।
सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) हाथरस के कार्यालय ने 23.08.2025 को पत्रांक 10580-81 जारी कर बताया कि सभी मूल पत्रावलियां उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान आगरा में जमा हैं।
लेकिन ठीक एक महीने बाद 22.09.2025 को जारी पत्रांक 12834-36 में उन्हीं पत्रावलियों के प्रेषित किए जाने का जिक्र सामने आ गया।
इस विरोधाभासी जानकारी ने पूरे प्रकरण की सच्चाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि गौरव शर्मा ने न सिर्फ़ गोपनीय फाइलों का दुरुपयोग किया बल्कि फर्जी आईडी बनाकर उच्चाधिकारियों तक झूठी शिकायतें भी भेजीं। अब यह मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि:किसी भी आरोपी या विपक्षी को मूल पत्रावलियों की प्रमाणित छाया प्रति न दी जाए।
गौरव शर्मा के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिक्षा विभाग की गुप्त फाइलों के लीक होने का यह मामला न सिर्फ विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी उजागर करता है कि सरकारी दफ्तरों में गोपनीय दस्तावेज़ कितने सुरक्षित हैं।
अब सबकी निगाहें पुलिस अधीक्षक हाथरस और न्यायालय की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।





