
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: शिक्षा जगत में बदलाव की आहट तेज हो गई है। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) हाथरस की ओर से शुक्रवार को जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक ने न सिर्फ कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया को धार दी, बल्कि एक ऐतिहासिक संदेश भी दिया – अब शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की परंपरा को जड़ से खत्म करने की जंग छेड़ी जाएगी।
नवग्रह मंदिर के पास आंबेडकर पार्क, खंदारी गढ़ी हाथरस में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली इस बैठक में जिले भर के शिक्षक उमड़े। बैठक में सदस्यता फार्म भरकर जमा किए गए और शिक्षकों ने एक स्वर में यूटा को “शिक्षकों की असली आवाज़” बनाने का संकल्प लिया।
सभा में अजेंद्र कुमार, राहुल सागर, जयप्रकाश, देवेंद सिंह, संदीप कुमार, राकेश कुमार, जयकिशोर, यशवंत सिंह, राकेश कुमार निमोदिया, महेश कुमार विमल, जितेंद्र कुमार शाह, हेमेंद्र कुमार समेत कई शिक्षक मौजूद रहे। वहीं महिला शिक्षकों में दुर्गेश सिंह, तरुणा, सर्वेश कुमारी, सुमन कुमारी, नीलम रेखा सुमन, प्रतिभा सिंह और गरिमा सिंह जयंत ने अपनी भागीदारी से माहौल को जोशीला बना दिया।
वक्ताओं ने साफ कहा कि “अब यूटा सिर्फ शिक्षकों के हक की लड़ाई नहीं लड़ेगा, बल्कि शिक्षा विभाग में सालों से पल रहे भ्रष्टाचार के गढ़ को ध्वस्त करने का काम भी करेगा।”
बैठक में हुई चर्चाओं ने माहौल में बिजली सी दौड़ा दी। शिक्षकों ने नारे लगाए –
“भ्रष्टाचार की जंजीरें तोड़ो!”
“शिक्षक एकता ज़िंदाबाद!”
चर्चा में है कि यूटा की यह नई कार्यकारिणी आने वाले समय में हाथरस की शिक्षा राजनीति ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ों को भी हिला देगी।





