
- रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव
जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन आज के समय में एक आम समस्या बनती जा रही है। बढ़ती उम्र के साथ-साथ बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। हालांकि हल्का दर्द अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार हर तरह के जोड़ दर्द पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है।
आमतौर पर घुटने, कलाई, उंगलियां, कंधे, टखने और हिप के जोड़ इस समस्या से अधिक प्रभावित होते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में प्रभावित जोड़ में दर्द या अकड़न, सूजन, चलने-फिरने या हिलाने में परेशानी और कुछ मामलों में जोड़ के आकार में बदलाव शामिल हैं। यदि दर्द किसी संक्रमण या गंभीर कारण से जुड़ा हो, तो बुखार, थकान और पूरे शरीर में दर्द जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर जोड़ों की सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है। संतुलित आहार, नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त आराम और सही देखभाल से दर्द, जकड़न और सूजन से काफी हद तक राहत मिल सकती है। हल्का व्यायाम, योग और ध्यान करने से न केवल जोड़ मजबूत होते हैं, बल्कि शरीर में लचीलापन भी बना रहता है। इसके साथ ही वजन को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि अधिक वजन जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालकर दर्द को बढ़ा सकता है।
घर पर अपनाए जाने वाले कुछ आसान उपाय भी जोड़ दर्द में कारगर साबित हो सकते हैं। रोजाना नहाने से पहले हल्के हाथों से तेल की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और जोड़ लचीले बने रहते हैं। सरसों का तेल, तिल का तेल या नारियल का तेल इसके लिए उपयोगी माना जाता है। खानपान में भी सावधानी जरूरी है। गैस और सूजन बढ़ाने वाली चीजों जैसे आलू, मटर और चने का सेवन सीमित करना चाहिए, जबकि हल्दी, अदरक, जीरा, अजवाइन और मेथी जैसे मसाले आहार में शामिल करने से सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि यदि जोड़ों का दर्द लंबे समय तक बना रहे या लगातार बढ़ता जाए, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें। समय पर उपचार और सही जीवनशैली अपनाकर जोड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है।





