
बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई तरह के शारीरिक और जैविक (Biological) बदलाव होते हैं, जिनका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर भी साफ दिखाई देता है। इन्हीं में से एक आम परेशानी है – बैठने या लेटने के बाद अचानक खड़े होते ही चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छा जाना या संतुलन खो देना। यह सामान्य लक्षण नहीं है, बल्कि एक चिकित्सकीय स्थिति ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन (Orthostatic Hypotension) का संकेत हो सकता है।
इस विषय में डॉ. आदित्य गुप्ता, डायरेक्टर, न्यूरोसर्जरी एंड साइबरनाइफ, आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम, जानकारी देते हैं।
किन लोगों में अधिक होती है यह समस्या?
डॉ. गुप्ता बताते हैं कि जब कोई व्यक्ति अचानक बैठी या लेटी अवस्था से खड़ा होता है, तो उसके रक्तचाप (Blood Pressure) में तेज गिरावट आ सकती है। इससे दिमाग तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता, जिसके कारण चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या बेहोशी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
यह समस्या खासतौर पर उन लोगों में अधिक देखी जाती है:
- जो ब्लड प्रेशर या डायबिटीज की दवाएं ले रहे होते हैं
- जिनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होती है
- जो अधिक उम्र के हैं और जिनका शरीर धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है
क्या हैं इसके मुख्य कारण?
- ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम की कमजोरी:
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की नसों और रक्तचाप को नियंत्रित करने वाली प्रणाली कमजोर हो जाती है, जिससे शरीर अचानक पोजीशन बदलने पर BP को नियंत्रित नहीं कर पाता। - हृदय रोग और खून की कमी (एनीमिया):
दिल की बीमारियां या शरीर में खून की कमी होने पर भी ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन की संभावना बढ़ जाती है। - न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर्स:
जैसे पार्किंसन डिज़ीज या अन्य तंत्रिका तंत्र संबंधी रोग भी इसका कारण हो सकते हैं।
कैसे बचें इस स्थिति से?
डॉ. गुप्ता की सलाह है:
- अचानक खड़े होने के बजाय धीरे-धीरे उठें
- दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं
- नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाते रहें
- यदि कोई दवा इस समस्या का कारण बन रही हो, तो डॉक्टर से सलाह लेकर डोज या दवा बदलवाएं
- किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें
सही समय पर पहचान और इलाज से गिरने, चोट लगने या बेहोशी जैसी गंभीर घटनाओं से बचा जा सकता है।
निष्कर्ष:
बुजुर्गों में खड़े होते ही चक्कर आना एक सामान्य समस्या नहीं, बल्कि गंभीर संकेत हो सकता है। समय पर सतर्कता और उचित देखभाल से इसे रोका जा सकता है।




