
- रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश के देवरिया से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां मोमोज खाने के झांसे में आकर युवकों ने वाराणसी के एक पुजारी के किशोर बेटे से 85 लाख रुपये के जेवरात की ठगी कर ली। परिजनों को जब यह पता चला तो उनके होश उड़ गए। पुजारी ने मामले की तहरीर थाने में दी, जिसके बाद पुलिस ने देर शाम एक युवक और एक युवती को हिरासत में ले लिया और उनकी निशानदेही पर कुछ जेवरात भी बरामद किए।
यह घटना रामपुर कारखाना के भगवानपुर तिवारी गांव की है। वाराणसी के एक मंदिर में पुजारी रहने वाले विमलेश मिश्र का नाबालिग बेटा गांव में कक्षा सात का छात्र है। कुछ दिनों से उसे मोमोज खाने की लत लग गई थी और वह हर दिन देवरिया-कसया मार्ग पर डुमरी चौराहे पर जाने लगा।
चौराहे पर दुकान लगाने वाले तीन युवकों ने किशोर को अपने जाल में फंसा लिया और कहा कि मोमोज पाने के लिए उसे कुछ सामान लाना होगा। इसके बाद किशोर धीरे-धीरे घर से जेवरात निकालकर उन्हें देने लगा, और बदले में उसे मोमोज खिलाए जाते रहे। पुजारी की पत्नी और बहन की अलमारी में रखे जेवरात भी इसी दौरान गायब हो गए।
परिवार को इसका पता रविवार की सुबह तब चला जब पुजारी की बहन जेवर लेने अलमारी खोलने गई। आलमारी के लॉकर से सभी जेवर गायब थे। किशोर ने बाद में स्वीकार किया कि उसने दुकानदारों को जेवरात दिए थे।
देवरिया पुलिस के थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही इसका पर्दाफाश कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किशोर को मोमोज की इतनी लत लग गई थी कि उसने पहले अपने पैसे से मोमोज खरीदना शुरू किया, बाद में घर के जेवरात भी देने लगे।
घटना के कुछ ही दिनों में दुकानदारों के रहन-सहन में भी बदलाव देखा गया, जिससे परिवार को शक हुआ। पुलिस ने आरोपित युवक और युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और बाकी सहयोगियों की तलाश जारी है।





