
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस में शिक्षा विभाग की बड़ी करतूत!
हाथरस: शासन के आदेश हैं – ऑफलाइन निरीक्षण पूरी तरह बंद। लेकिन हाथरस में DC MDM अरविंद शर्मा ने ऐसा खेल खेला कि विभाग की साख ही दांव पर लग गई। प्राथमिक विद्यालय आरिफपुर, सिकंदराराऊ में उन्होंने दबंगई दिखाते हुए ऑफलाइन निरीक्षण कर डाला। मामला जब उजागर हुआ तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा – जवाब में अरविंद शर्मा ने जन सूचना के तहत लिखित बयान दिया कि उन्होंने कोई ऑफलाइन निरीक्षण नहीं किया।

लेकिन, झूठ के पांव कब तक चलेंगे, विद्यालय की उपस्थिति पंजिका और उनके अपने हस्ताक्षर गवाही देने लगे कि ऑफलाइन निरीक्षण हुआ है और उसी दिन हुआ है।

झूठ बनाम सच का टकराव!
DC MDM का लिखित जवाब : “ऑफलाइन निरीक्षण नहीं किया”।
विद्यालय का रजिस्टर : “निरीक्षण हुआ और हस्ताक्षर भी मौजूद हैं”।

BSA की जांच : “सच्चाई का नकाब उतर गया”। अफसरों के झूठ से शिक्षा का भविष्य खतरे में – “अगर खुद अधिकारी ही झूठ बोलकर बचने की कोशिश करेंगे तो बच्चों की शिक्षा और स्कूलों की व्यवस्था कैसे सुधरेगी?” “यह खेल पारदर्शिता का मज़ाक है, और नियमों को ताक पर रखकर चल रही अफसरशाही की दबंगई है।”

बड़ा सवाल – अब क्या होगी कार्रवाई?
अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा है – क्या झूठ बोलकर नियम तोड़ने वाले अधिकारी पर गाज गिरेगी या फिर मामला दबा दिया जाएगा?” रजिस्टर और हस्ताक्षर बोल रहे हैं, लेकिन अफसर अपनी जुबान से झूठ बोल रहे हैं। सच को दबाया नहीं जा सकता!”





