
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
- आक्रोशित जनता ने चेतावनी बोर्ड लगाकर दी खुली चुनौती —“आँख, कान खोलो और जनसमस्याओं पर ध्यान दो!”
हाथरस नगर पालिका क्षेत्र की बदहाली अब लोगों के सब्र के बाहर हो चुकी है। शहर के व्यस्ततम बाजार क्षेत्र में महीनों से एकमात्र सार्वजनिक नल खराब पड़ा है, लेकिन न तो सभासद की नींद टूटी और न ही नगर पालिका के अफसरों की। इलाके में गंदगी का अंबार, जलभराव, टूटी सड़कों और बदहाल नालियों से जनता बेहाल है।
थक-हार कर लोगों ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है।
गुस्साए नागरिकों ने नगर पालिका अध्यक्ष, क्षेत्रीय सभासद, सांसद और विधायक के नाम का एक चेतावनी बोर्ड लगाया, जिस पर लिखा था:
“आँख, कान खोलो और जनसमस्याओं पर ध्यान दो!”

लेकिन प्रशासन ने जनता की आवाज़ दबाई!

रात के अंधेरे में पुलिस मौके पर पहुंची और बिना कुछ कहे बोर्ड को उखाड़ फेंका। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
एक नल… वो भी खराब — जिम्मेदार कौन?
- नगर के बाजार क्षेत्र में सिर्फ एक सार्वजनिक नल, महीनों से बंद
- महिलाएं और बुजुर्ग पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर
- शिकायतों के बावजूद न तो सभासद आए, न पालिका अधिकारी
- सांसद-विधायक भी जनता की समस्याओं पर चुप्पी साधे बैठे हैं
स्थानीय नागरिकों की नाराजगी:
“सभासद सिर्फ वोट मांगने आते हैं, काम के समय मोबाइल भी नहीं उठाते!”
“नगर पालिका में घुसो तो सिर्फ फॉर्म-फॉर्म खेलते हैं, समाधान कोई नहीं!”
“अब तो बोर्ड लगाकर हमें ही अपराधी बना दिया गया!”
वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं —
- क्या जनता की आवाज़ उठाना अब जुर्म है?
- क्या चुने हुए प्रतिनिधियों को जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता?





