
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: यूपीएसएसएससी–PET 2025 की लिखित परीक्षा इस बार पूरी तरह लोहे की जंजीरों में जकड़ी रही। नकल माफ़ियाओं का खेल शुरू होने से पहले ही ख़त्म हो गया। कारण – हाथरस प्रशासन की चौकस निगरानी और डीएम-एसपी का धाकड़ एक्शन।
शनिवार सुबह जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा खुद मैदान में उतरे और एक-एक परीक्षा केंद्र पर ताबड़तोड़ निरीक्षण कर नकल पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया।

बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल, बागला कॉलेज, डीआरबी इंटर कॉलेज, सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज समेत तमाम सेंटरों पर अफसरों ने न सिर्फ सुरक्षा घेराबंदी को परखा बल्कि ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को साफ हिदायत दी – परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। संदिग्ध दिखे तो तुरंत धर दबोचो और जेल भेजो।”

परीक्षा हॉलों में सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे की निगरानी, प्रवेश द्वार पर फ्रिस्किंग (तलाशी) का फुलप्रूफ इंतज़ाम और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, ब्लूटूथ, मोबाइल, पेन-ड्राइव, कॉपी, यहां तक कि खाने-पीने की चीज़ों तक पर प्रतिबंध ने माहौल को और सख्त बना दिया।

डीएम-एसपी की इस मुस्तैदी से परीक्षार्थियों ने राहत की सांस ली तो वहीं नकल माफियाओं और दलालों की पूरी प्लानिंग धरी की धरी रह गई। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है – जो परीक्षा बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।”

हाथरस में PET परीक्षा का यह नजारा बताता है कि इस बार प्रशासन ने नकल के धंधे को पूरी तरह जड़ से उखाड़ फेंकने की ठान ली है।





