
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: जिले के फरौली गांव में बुधवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया जब SDO (सब डिवीजनल ऑफिसर) की विभागीय गाड़ी में सवार होकर उसका ड्राइवर कुछ साथियों के साथ “विजिलेंस अधिकारी” बनकर गांव पहुंच गया। ग्रामीणों को शक हुआ, तो उन्होंने फर्जी चेकिंग कर रहे इन लोगों को पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी।
मौके पर हंगामा बढ़ता देख किसी ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में लिया। पूछताछ में जब हकीकत सामने आई तो अधिकारियों के होश उड़ गए।
ड्राइवर कर रहा था विभागीय गाड़ी का दुरुपयोग
जांच में सामने आया कि उक्त ड्राइवर बीते कई दिनों से SDO की गाड़ी का दुरुपयोग कर गांव-गांव जाकर फर्जी चेकिंग कर रहा था। ग्रामीणों से सरकारी रौब झाड़ते हुए वह खुद को विजिलेंस का अधिकारी बताता था और कई जगहों पर वसूली की आशंका भी जताई जा रही है।

पुलिस ने की कार्रवाई, विभाग बना रहा खानापूर्ति का बहाना
ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी ड्राइवर और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर विभागीय वाहन को सीज कर दिया है। वहीं दूसरी ओर अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) ने मामला संज्ञान में लेकर जांच कमेटी तो गठित कर दी, लेकिन अब तक आरोपी ड्राइवर के खिलाफ कोई ठोस विभागीय कार्यवाही नहीं की गई।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल
यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलती है, बल्कि यह भी सवाल खड़े करती है कि आखिर SDO की गाड़ी का ड्राइवर इतने दिन से विभागीय संरक्षण में ऐसा दुस्साहस कैसे कर रहा था? क्या विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत या नजरअंदाजी इसके पीछे है?
थाना क्षेत्र: हाथरस जंक्शन
पूरा मामला हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र के फरौली गांव का है, जहां ग्रामीणों की सतर्कता ने एक बड़े फर्जीवाड़े को उजागर कर दिया। अब देखने वाली बात यह होगी कि विभागीय स्तर पर कब और कैसी सख्त कार्यवाही होती है, या मामला यूं ही दबा दिया जाएगा।





