
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
बस्ती जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां अपनी जवान बेटी को लेकर पुलिस की दबंगई और धमकियों के चलते घर छोड़ने को मजबूर हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महिला, जिसने खुद को सुनीता पाठक बताया है, वाल्टरगंज थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दिखाई दे रही हैं।
महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की, गाली-गलौज की और यहां तक कि उनकी जवान बेटी को जेल में डालकर “मज़ा चखाने” की धमकी दी। सुनीता पाठक ने आरोप लगाया कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है और विपक्षी पक्ष के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि “पूरा थाना बिक गया है।”
पुलिस और विरोधियों के डर से घर छोड़ने पर मजबूर
वीडियो में महिला कहती दिख रही हैं कि वह अपनी बेटी के साथ बेहद डरी हुई हैं और लगातार मिल रही धमकियों के चलते घर छोड़कर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वाल्टरगंज थाने की पुलिस विपक्षियों से मिली हुई है और उन्हीं के पक्ष में कार्रवाई कर रही है।
सवालों के घेरे में पुलिस की भूमिका
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर पुलिस पर महिलाओं के उत्पीड़न के आरोप लगना गंभीर चिंता का विषय है।
मांग: उच्चस्तरीय जांच और न्याय
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर जनआक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग मांग कर रहे हैं कि शासन-प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करवाए और अगर महिला के आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
यह घटना महिला सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश में चल रही नीतियों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है।





