
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक शर्मनाक और हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा नेता मुन्ना बहादुर सिंह को बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता को जूते से पीटते हुए देखा जा सकता है। यह घटना न केवल अफसरशाही पर सवाल खड़े करती है, बल्कि राजनीतिक आचरण और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी गंभीर बहस को जन्म देती है।
सवाल ये उठता है कि गलती आखिर किसकी है — बिजली विभाग की लापरवाही भरी व्यवस्था की, या फिर नेताओं की खुलेआम गुंडागर्दी की? क्या समस्याओं का समाधान जूते चलाने से निकलता है?
अगर देश में व्यवस्था सुधारने का यही तरीका बनने लगे, तो लोकतंत्र की किताबें फिर से लिखनी पड़ेंगी, और संवाद की जगह जूता प्रहार को नया अध्याय मानना पड़ेगा। जनता नेताओं को समस्याएं सुलझाने के लिए चुनती है, न कि अधिकारियों को अपमानित करने के लिए।
वायरल हो रहे इस वीडियो पर अब तक प्रशासन या पार्टी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, लेकिन जनता में रोष स्पष्ट दिखाई दे रहा है।





