
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने अयोध्या में हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह और उससे जुड़े विकास कार्यों में 200 करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह घोटाला भाजपा सरकार के संरक्षण में हुआ है, जिसमें नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत शामिल है।
RTI से खुलासा नहीं, शक गहराया
पवन पांडेय ने बताया कि उन्होंने इस मामले को उजागर करने के लिए सैकड़ों आरटीआई आवेदन दाखिल किए, लेकिन उन्हें सिर्फ 102 का ही जवाब मिला। इससे उन्होंने अंदाजा लगाया कि कई महत्वपूर्ण फाइलें जानबूझकर गायब कर दी गई हैं।
उनका कहना है कि करोड़ों रुपये के टेंडर बिना किसी प्रक्रिया के जारी किए गए, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
नगर निगम और आउटसोर्सिंग खर्चों पर भी सवाल
पांडेय ने आरोप लगाया कि अयोध्या नगर निगम और आउटसोर्सिंग खर्चों में भी भारी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की कैग (CAG) जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।
“रामराज्य के नाम पर भ्रष्टाचार, भगवान श्रीराम का अपमान”
पूर्व मंत्री ने कहा,
“रामराज्य के नाम पर भ्रष्टाचार करना भगवान श्रीराम की मर्यादा का अपमान है। जो कार्य श्रद्धा और आस्था से जुड़े हैं, उनमें घोटाले की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
सियासी गलियारों में हलचल
पवन पांडेय के इस आरोप के बाद अयोध्या की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित जांच पर टिकी हैं।
यह मुद्दा आने वाले समय में अयोध्या और यूपी की राजनीति में एक गंभीर चुनावी बहस का विषय बन सकता है



