
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा जगत में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। जिले के प्रख्यात चिकित्सक एवं शोधकर्ता डॉ. शिवेंद्र सिन्हा का शोध लेख विश्व की प्रतिष्ठित संस्था अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (AACE) द्वारा औपचारिक रूप से स्वीकृत किया गया है।
डॉ. शिवेंद्र सिन्हा का शोध-एब्स्ट्रैक्ट “उत्तरी भारतीय आबादी में प्रीडायबिटीज के साथ नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का संबंध” को AACE वार्षिक वैज्ञानिक एवं क्लिनिकल कांग्रेस 2026 में ई-पोस्टर प्रस्तुति के लिए चयनित किया गया है।
यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 22 से 24 अप्रैल 2026 के बीच लास वेगास, नेवादा (संयुक्त राज्य अमेरिका) में आयोजित होगा, जिसमें विश्वभर से अग्रणी एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, चिकित्सा वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ भाग लेंगे।

डॉ. शिवेंद्र सिन्हा स्वयं इस वैश्विक मंच पर भारत और अयोध्या का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत करेंगे। इस शोध में उत्तरी भारत की आबादी में प्रीडायबिटीज तथा नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के बीच पाए जाने वाले गहरे वैज्ञानिक संबंधों को स्पष्ट किया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह अध्ययन मधुमेह एवं लिवर रोगों की प्रारंभिक पहचान, रोकथाम और भविष्य की उपचार रणनीतियों को नई दिशा प्रदान करेगा।
डॉ. शिवेंद्र सिन्हा की यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत अकादमिक सफलता है, बल्कि यह अयोध्या को वैश्विक मेडिकल रिसर्च मानचित्र पर स्थापित करने वाला ऐतिहासिक क्षण भी है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर देश-विदेश के चिकित्सा विशेषज्ञों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है।
यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि अयोध्या अब केवल आध्यात्मिक पहचान तक सीमित नहीं, बल्कि चिकित्सा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है।





