
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे (पवन पांडे) द्वारा लगाए गए आरोपों से अयोध्या नगर निगम के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी घबराए नजर आए। आरोपों के दबाव में उन्होंने आनन-फानन में अधूरी जानकारी के साथ एक पत्रकार वार्ता बुलाई, लेकिन वहां ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
महापौर ने पत्रकारों से कहा कि ऑडिट रिपोर्ट की आपत्तियां अभी तैयार की जा रही हैं, इसीलिए वह पूरी जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। पत्रकार वार्ता में मौजूद मीडिया कर्मियों ने जब बार-बार ऑडिट से जुड़ी जानकारी मांगी तो महापौर टालते नजर आए।
इस दौरान पत्रकार वार्ता में सभापति राजेश गौड़ और भाजपा के कई पार्षद भी मौजूद थे। लेकिन किसी के पास भी पवन पांडे द्वारा उठाए गए सवालों का ठोस जवाब नहीं था।
क्या हैं आरोप?
पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ने नगर निगम में वित्तीय अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी को लेकर महापौर गिरीश पति त्रिपाठी पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उनका आरोप है कि नगर निगम में हुए विकास कार्यों और खर्चों की ऑडिट रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां हैं, जिन पर जानबूझकर पर्दा डाला जा रहा है।

क्या बोले सपा नेता?
सपा नेता पवन पांडे ने कहा,
“महापौर को अगर कुछ छिपाना नहीं है तो वो साफ-साफ ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करें। पारदर्शिता की बात करने वाली भाजपा की सरकार अपने ही जनप्रतिनिधियों के घोटालों पर चुप क्यों है?”
निष्कर्ष
महापौर की ओर से बुलाई गई यह पत्रकार वार्ता सवालों के जवाब देने की बजाय और सवाल खड़े कर गई। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि नगर निगम की ऑडिट रिपोर्ट कब सार्वजनिक की जाएगी और उसमें क्या-क्या खुलासे होंगे।



