
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या : दिनांक 24-12-2025 को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत सहायक आयुक्त (खाद्य), अयोध्या द्वारा पिछली बैठक के कार्यवृत्त की अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने से हुई। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 और वर्तमान वित्तीय वर्ष की तृतीय तिमाही तक विभाग द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण रखा गया।
प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2600 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 466 छापे और 600 खाद्य नमूनों का संग्रह किया गया। इस अवधि में 546 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुईं, जिनमें 330 खाद्य पदार्थ मानक के विपरीत पाए गए। इसके तहत 432 वाद न्यायालय में दाखिल किए गए, जिनमें से 325 वादों का निस्तारण हुआ और कुल 86.63 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित कराया गया। एक प्रकरण में 6 माह की सजा भी सुनाई गई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 (नवंबर 2025 तक) में 1581 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 417 छापे और 522 नमूनों का संग्रह किया गया। इस दौरान 272 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुईं, जिनमें 151 खाद्य पदार्थ मानक के विपरीत पाए गए। 168 वाद न्यायालय में दाखिल किए गए और 205 वादों के निर्णय में कुल 52.39 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
बैठक में न्यायालयीन कार्यवाहियों, विभिन्न न्यायालयों में वादों की पैरवी की स्थिति, जारी लाइसेंस/पंजीकरण की अद्यतन जानकारी तथा खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की योजनाओं के तहत जनपद में कराए गए कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत किया गया।
सहायक आयुक्त (खाद्य) ने समिति को बताया कि जनपद में एक स्ट्रीट फूड हब क्रियाशील है, जबकि दो अन्य प्रक्रियाधीन हैं। साथ ही, एक संस्था के साथ 35 प्रतिष्ठानों का अनुबंध किया गया है, जो प्रयुक्त खाद्य तेल का संग्रह कर बायोडीजल निर्माण के लिए ले जाती है।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि कुकिंग ऑयल के बार-बार उपयोग को रोकने के लिए खाद्य कारोबारकर्ताओं को जागरूक किया जाए और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं वाले प्रमुख चौराहों को प्राथमिकता पर आच्छादित किया जाए। री-यूज कुकिंग ऑयल से जुड़ी एजेंसी और उसके प्रतिनिधि को अगली बैठक में बुलाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि हाइजेनिक रेटिंग प्रमाण पत्र होटल के रिसेप्शन के साथ-साथ मुख्य द्वार पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं।
इसके अलावा, जिन प्रतिष्ठानों की आरसी एक वर्ष से अधिक लंबित है, उन्हें प्राथमिकता पर जमा कराने और ऐसा न करने पर लाइसेंस/पंजीकरण निरस्त करने के निर्देश दिए गए। पिछले एक वर्ष में असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों से जुड़े प्रतिष्ठानों को बंद करने, फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स के माध्यम से अस्पतालों, विद्यालयों और बड़ी बाजारों के आसपास जांच करने तथा मिठाई दुकानों पर मूल्य प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

कोडीन कफ सिरप की जांच के लिए मेडिकल स्टोरों से अधिक से अधिक नमूने लेने और ऑक्सीटोसिन के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के नेतृत्व में एक सचल टीम गठित करने का निर्णय लिया गया। क्रिसमस और नववर्ष के मद्देनजर विशेष अभियान के तहत 22 और 23 दिसंबर 2025 को केक, क्रीम रोल और नॉन-डेयरी क्रीम के नमूने लिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने ईट राइट कैंपस योजना के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों को योजनाबद्ध तरीके से आच्छादित करने के निर्देश दिए, जबकि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने सभी विद्यालयों को ईट राइट स्कूल के रूप में प्रमाणित कराने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने को कहा।
बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, सहायक जिला सूचना अधिकारी, औषधि निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, व्यापारिक एवं उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि तथा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। अध्यक्ष की अनुमति से बैठक समाप्त की गई।





