
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: मंदिर और परकोटा जिसमें 14 लाख क्यूबिक फीट बंसी पहाड़पुर का पत्थर लगना था उसमें 13 लाख क्यूबिक फीट पत्थर लग चुका है। अब केवल एक लाख क्यूबिक फिट पत्थर लगना बाकी है। मंदिर के लोअर प्लिंथ राम कथा जिसकी कुल लंबाई लगभग 800 फिट है उसमें 500 फीट पर पत्थर पर म्यूरल बन चुके हैं। परकोटा में ब्रांज के लगने वाले 80 म्यूरल में 45 म्यूरल लग चुके हैं।
भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी मंदिर में लगने वाले खिड़की में टाइटेनियम धातु का इस्तेमाल हो रहा है। यह अपने आप में अनोखी है। टाइटेनियम की लाइफ 1000 वर्ष से ऊपर होती है। तीनों जगह पर 32 जाली लगाई जा रही है। उम्मीद है 15 अगस्त तक सभी जालियां लग जाएगी। जुलाई के अंत तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएंगे।
राम लला के अस्थाई मंदिर को भी संरक्षित किया जाएगा। श्रद्धालु देख सकेंगे कि उनके आराध्य अस्थाई मंदिर से स्थाई मंदिर में कैसे पहुंचे।





