
रिपोर्ट- प्रतीक वार्ष्णेय
190 गौवंश भूख-प्यास से तड़पते मिले, वायरल तस्वीरों ने हिलाया जनमानस
हसायन, हाथरस: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोवंशों की रक्षा और किसानों को राहत देने के उद्देश्य से बनाई गईं गौशालाएं अब कुछ जगहों पर खुद सवालों के घेरे में हैं। हसायन विकासखंड के नगला मांधाती गांव की एक गौशाला इन दिनों सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है — वजह बेहद दर्दनाक है।
यहाँ करीब 190 गोवंश बिना चारे और पानी के, कीचड़ और दलदल में जीने को मजबूर हैं। गौवंशों की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि उनकी आंखों में सिर्फ़ पीड़ा और शरीर में सिर्फ़ हड्डियाँ बची हैं।
सोमवार सुबह 8:00 बजे से वायरल हो रही तस्वीरों ने प्रशासन की आंखें खोल दी हैं। ये तस्वीरें स्थानीय गौसेवकों द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गईं, जो अब तेजी से वायरल हो रही हैं। इनमें कई गायें मृतप्राय अवस्था में पड़ी हैं — कुछ के शरीर में कीड़े तक देखे जा सकते हैं।
“ना चारा, ना पानी, कीचड़ में धंसे प्राण — ये कैसी गौशाला?”
ग्राम प्रधान और रखवाले की निष्क्रियता साफ दिख रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया। गौशाला का बड़ा हिस्सा दलदल में तब्दील हो चुका है, और वहां काम कर रहे कर्मी केवल नाम मात्र के हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज
ग्रामीणों और स्थानीय संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि:
गौशाला में तत्काल राहत कार्य शुरू हो
चारा, पानी और दवाओं की व्यवस्था की जाए
लापरवाह अधिकारियों और ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई हो
दोषियों पर FIR दर्ज हो
जनता पूछ रही है — मूक प्राणियों के साथ इतना अत्याचार क्यों?
जब सरकार करोड़ों रुपए की योजनाएं चला रही है, तो जमीनी हकीकत इतनी भयावह क्यों है? अगर सोशल मीडिया पर तस्वीरें न वायरल होतीं, तो शायद ये दर्द सन्नाटे में ही दम तोड़ देता।
अब नज़र जिम्मेदार अधिकारियों पर है। देखना होगा कि क्या वायरल हुई इन तस्वीरों का असर सिर्फ़ काग़ज़ों में रह जाएगा, या गौवंशों को जीने का अधिकार भी मिलेगा।





