
- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा
लखनऊ: मार्च 2026 को भारतीय वाक्-भाषा एवं श्रवण संघ (आईएसएचए) द्वारा ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स कॉन्फ्रेंस – CRC का आयोजन लखनऊ, उत्तर प्रदेश में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री असीम अरुण ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर आयोजकों द्वारा मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। अपने संबोधन में असीम अरुण ने कहा कि एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए आम जनता को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है, जिसमें ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास के लिए संवाद क्षमता अत्यंत जरूरी होती है।
कार्यक्रम में पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक विकास के लिए प्रभावी संवाद बेहद महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति की आवाज या बोलने में समस्या होती है, तो वह अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाता। उन्होंने सुझाव दिया कि आरसीआई से पंजीकृत ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट की रिपोर्ट को मेडिकल प्रैक्टिशनर एवं प्रशासन द्वारा मान्यता दी जानी चाहिए।
सम्मेलन में प्रो. हिमांशु शेखर झा, हिमांशु सिंह, डॉ. नूरैन आलम, डॉ. मणिरत्नम, डॉ. नेहा, डॉ. तारीक, डॉ. बिंदु, डॉ. अविनाश और राजीव रंजन सहित कई विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. एस.पी. गोस्वामी ने कहा कि यह केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक पहल है, जो ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट को एकजुट कर निजी प्रैक्टिशनर्स को सशक्त बनाएगी। इससे पूरे उत्तर प्रदेश और देशभर में मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और राष्ट्र निर्माण में योगदान होगा। इसके साथ ही उन्होंने सम्मेलन के समापन की घोषणा की।
यह सम्मेलन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जिसमें आईएसएचए के साथ ओटोलैरिंजोलॉजिस्ट (ईएनटी विशेषज्ञ) एसोसिएशन, फिजियोथेरेपी एसोसिएशन और साइकोलॉजिस्ट एसोसिएशन का भी सहयोग रहा।
सम्मेलन में राम प्रवेश कुमार (रैंपो), डॉ. संयुक्ता, स्नेहा बंसल, आदर्श मिश्रा और हरिंदर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
आईएसएचए के मीडिया प्रभारी डॉ. मणिरत्नम ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए इसे सफल आयोजन बताया।





