
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस। बेसिक शिक्षा विभाग में अटैचमेंट पर रोक के सरकारी आदेश तो जारी हो चुके हैं, लेकिन लगता है कि बीएसए ऑफिस हाथरस में इन आदेशों की कोई कीमत नहीं! ताज़ा मामला बीएसए ऑफिस में तैनात अजीत शर्मा का है, जो सरकार के साफ आदेश और बीएसए द्वारा निकाले गए सख्त लेटर के बावजूद अब भी ऑफिस में अटैचमेंट पर कार्यरत हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाती भारती ने एक पत्र जारी किया था, जिसमें स्पष्ट लिखा गया था कि “अटैचमेंट पर कार्य कर रहे सभी कर्मचारियों को तत्काल हटाया जाए, अन्यथा उन पर कार्यवाही की जाएगी।”
मगर, वही बीएसए अपने ऑफिस में ही बैठे अटैचमेंट कर्मियों पर लगाम नहीं लगा पा रहीं।

जब बीएसए अपने दफ्तर में ही आदेशों का पालन नहीं करा पा रहीं, तो पूरे जिले में अटैचमेंट पर लगाम कैसे लगेंगी?

सूत्रों के अनुसार, अजीत शर्मा पहले से ही अटैचमेंट पर हैं और बावजूद इसके बीएसए ऑफिस में आराम से काम कर रहे हैं। इससे न केवल विभागीय पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि शासन के आदेशों की धज्जियां भी उड़ाई जा रही हैं।

अब निगाहें जिलाधिकारी हाथरस पर टिकी हैं — क्या वह इस मामले को गंभीरता से लेकर अजीत शर्मा और बीएसए ऑफिस की जिम्मेदारी तय करेंगे, या फिर यह फाइल भी अन्य मामलों की तरह ‘सेटलमेंट’ की परतों में दफन हो जाएगी?
जब अफसर के ऑफिस में ही अटैचमेंट का खेल हो रहा है, तो जिले में अनुशासन की उम्मीद कैसे की जाए?




