
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: शहर के सबसे व्यस्त स्थित गांधी पार्क में लगा अशोक स्तंभ अचानक गिरकर धराशायी हो गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका और जिम्मेदार अधिकारी अब तक सोए हुए हैं।
जिस अशोक स्तंभ को हम भारत की संवैधानिक पहचान और राष्ट्रीय गरिमा के प्रतीक के रूप में जानते हैं, वह जमीं पर गिरा पड़ा सड़ रहा है, और जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं।
स्थानीय नागरिकों में इसको लेकर गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि स्तंभ टूटा हुआ पड़ा है लेकिन नगर पालिका का एक भी कर्मचारी झांकने नहीं आया। न तो सुधार कार्य शुरू हुआ।

“अगर यह गांधी जी की प्रतिमा या राष्ट्रीय ध्वज होता, तब भी क्या प्रशासन इसी तरह चुप रहता?” – एक बुज़ुर्ग नागरिक का सवाल।
नगर पालिका की इस चुप्पी ने न सिर्फ उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर गंभीर चिंता भी जताई जा रही है।





