
नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइंस के परिचालन संकट का फायदा उठाकर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने वाली एयरलाइंस पर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को बड़ा फैसला लेते हुए घरेलू हवाई किरायों पर ‘फेयर कैप’ यानी अधिकतम किराया सीमा लागू कर दी है। अब कोई भी एयरलाइन अपनी इच्छा से किराये नहीं बढ़ा सकेगी। मंत्रालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इंडिगो के संचालन में जारी व्यवधान के दौरान यदि कोई कंपनी तय सीमा का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य बाजार में अनुशासन बनाए रखना और संकट के समय यात्रियों को आर्थिक शोषण से बचाना है।
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह किराया सीमा तब तक लागू रहेगी जब तक देश में हवाई सेवाएं पूरी तरह सामान्य नहीं हो जातीं। मंत्रालय का कहना है कि ऐसे समय में नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और मरीजों को अत्यधिक किराये का बोझ नहीं झेलना चाहिए। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार एयरलाइनों और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स के किराया आंकड़ों पर रियल-टाइम निगरानी रखेगी। मंत्रालय ने साफ कहा है कि “आपदा को अवसर” में बदलने वाली कंपनियों को बख्शा नहीं जाएगा।
हवाई किरायों पर लगाम लगाने के साथ सरकार ने इंडिगो एयरलाइंस को भी कई कड़े निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने आदेश दिया है कि रद्द उड़ानों के सभी टिकटों का पूरा रिफंड रविवार, 7 दिसंबर 2025 की रात 8 बजे तक अनिवार्य रूप से जारी किया जाए। यदि रिफंड में देरी होती है, तो एयरलाइन को नियामक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। साथ ही यात्रियों द्वारा यात्रा तिथि या समय बदलने पर कोई री-शेड्यूलिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्थिति सामान्य होने तक इंडिगो को यात्रियों की सहायता के लिए एक विशेष सेल बनाने का निर्देश भी दिया गया है। जिन यात्रियों का सामान चेक-इन हो चुका था, उनकी रद्द उड़ानों की स्थिति में एयरलाइन को उनका सामान उनके घर तक पहुंचाना होगा।
इंडिगो पर संकट की वजह पायलटों की भारी कमी और परिचालन संबंधी चुनौतियां हैं। शुक्रवार को ही इंडिगो की 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं, जबकि शनिवार को भी हालात सामान्य नहीं हो सके। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए कई एयरलाइनों ने अचानक टिकट कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पाइसजेट का कोलकाता–मुंबई इकोनॉमी टिकट 90 हजार रुपये, जबकि एयर इंडिया का मुंबई–भुवनेश्वर टिकट 84 हजार रुपये तक पहुंच गया। कुछ रूट्स पर किराया एक लाख रुपये का आंकड़ा पार कर गया, जिससे यात्रियों में भारी नाराज़गी फैल गई और सरकार को कठोर कदम उठाने पड़े।
सरकार के इस फैसले से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


