
- रिपोर्ट- ज्ञानेश वर्मा
सीतापुर: सीतापुर के चर्चित पिटाई कांड के बाद BSA ने शिक्षिका अवंतिका गुप्ता, जो कि पिछले 7 माह से गायब अर्थात विद्यालय नहीं आ रहीं थीं, उसका बचाव करते हुए एक माह की अनुपस्थित दिखाकर निलंबित कर दिया है, और आधे बेतन को जारी करने का आदेश कर दिया है।
जबकि शिक्षिका पिछले 7 माह से विद्यालय ही नहीं आ रही थी। और उसने कोई छुट्टी का प्रार्थना पत्र भी नहीं दिया था। तो BSA द्वारा नोटिस देकर बर्खास्तगी कार्यवाही क्यों नहीं की गयी। बीएसए के द्वारा प्रधानाध्यापक पर लगातार गलत दवाब बनाया जा रहा था। और बीएसए साहब शिक्षिका को लगातार बचाने का काम कर रहे थे। सारे विवाद की जड़ बीएसए साहब है। लेकिन बलि का बकरा प्रधानाध्यापक को बनाया गया और बीएसए साहब ने कई महीनो से प्रधानाध्यापक को लगातार मानसिक प्रताड़ित दे रहे थे ऑफिस में भी यही हरकत बीएसए सीतापुर ने की जिससे यह स्थिति पैदा हो गई और पूरे माहौल को बिगड़ने का काम बीएसए सीतापुर ने किया लेकिन सजा प्रधानाध्यापक को मिली अब इसकी जांच होनी चाहिए और बीएसए को बर्खास्त करना चाहिए क्योंकि उसने पूरी सरकार के साथ-साथ शिक्षा विभाग को भी धूमिल किया है अपने पद का दुरुपयोग किया है बीएसए की आई की जांच होनी चाहिए। और उसे सजा मिलनी चाहिए।




