
- रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव
नॉएडा। ग्रेटर नोएडा की एक सोसायटी में कथित ईसाई धर्मांतरण गिरोह के सामने आने के बाद गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ-साथ एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में चल रही संदिग्ध प्रार्थना सभाओं और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लोगों को निशाना बना रहा था।
पुलिस जांच में आरोपियों के पास से छह बॉक्स में करीब 250 से अधिक धार्मिक पुस्तकें बरामद की गई हैं। इसके साथ ही धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने वाले पर्चे, पोस्टर और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान एक व्हाट्सएप ग्रुप का भी खुलासा हुआ है, जिसके जरिए धर्मांतरण से जुड़ी रणनीति बनाई जाती थी और नए लोगों को जोड़ा जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि हर रविवार को आयोजित होने वाली प्रार्थना सभाओं की कैमरे से लाइव रिकॉर्डिंग की जाती थी, ताकि उन्हें अन्य लोगों तक प्रसारित किया जा सके। चश्मदीदों के अनुसार, धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित किया जाता था। कुछ मामलों में कथित तौर पर टब में जबरन उल्टी करवाई जाती थी और इसे ‘पवित्र प्रक्रिया’ बताकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था। पुलिस इन गंभीर आरोपों की गहन जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह गरीब महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाता था। मुफ्त शिक्षा, गरीब महिलाओं की शादी कराने, बच्चों को किताबें, टॉफी, कपड़े और अन्य उपहार देने का लालच देकर उन्हें प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता था। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता था।
इस पूरे मामले की जानकारी 8 फरवरी को थाना बीटा-2 क्षेत्र के ऐच्छर इलाके से मिली थी। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में पता चला कि एक टैक्सी चालक सुरेश, उसकी पत्नी, साली और ऐच्छर निवासी चंद्रकरण मिलकर कुछ महिलाओं को एकत्र कर ईसाई धर्म के बारे में जानकारी दे रहे थे।
थाना बीटा-2 पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुरेश पुत्र शंकर लाल, निवासी बांसवाड़ा (राजस्थान), वर्तमान पता सी-28, सिग्मा-2, गौतमबुद्ध नगर और चंद किरण पुत्र गजेसिंह प्रजापति, निवासी ऐच्छर, गौतमबुद्ध नगर शामिल हैं। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
फिलहाल पुलिस इस कथित धर्मांतरण रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और नेटवर्क के दायरे की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।





