
- रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को छात्रों से आगामी बोर्ड परीक्षाओं से पहले सुरक्षा, स्वास्थ्य और पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। छात्रों को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने तीन अहम संदेश साझा करते हुए सतर्क और अनुशासित जीवनशैली अपनाने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को चीनी ‘मांझा’ से दूर रहने की सख्त सलाह दी। उन्होंने बताया कि यह धारदार मांझा प्रदेश में प्रतिबंधित है और इसके कारण कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं। सीएम योगी ने छात्रों से न केवल इसके उपयोग से बचने, बल्कि अपने दोस्तों को भी जागरूक करने और परिवार के सहयोग से इसकी अवैध बिक्री की सूचना पुलिस को देने का आग्रह किया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मोबाइल फोन की बढ़ती लत को लेकर भी छात्रों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा गेम खेलना और वीडियो देखना समय की बर्बादी है, इससे पढ़ाई प्रभावित होती है और आंखों की रोशनी पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। सीएम योगी ने छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, परिवार के साथ समय बिताने और मोबाइल का सीमित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अनुशासन, आत्मविश्वास और एकाग्रता बनाए रखने की सलाह दी। श्रीमद् भगवद् गीता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य का अधिकार केवल कर्म पर होता है, फल पर नहीं। उन्होंने छात्रों से परिणाम की चिंता किए बिना पूरी निष्ठा और मेहनत से अध्ययन करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे अच्छा प्रदर्शन कर अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण के दौरान छात्रों से संवाद किया था। नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर हुई इस अनौपचारिक बातचीत में प्रधानमंत्री ने छात्रों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए ठोस कदम उठाने की प्रेरणा दी।
लद्दाख के एक छात्र के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सपने न देखना भी एक तरह का अपराध है, लेकिन सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास और मेहनत जरूरी है। उन्होंने छात्रों को अपने सपनों को लिखकर निजी रूप से संजोने और महान व्यक्तित्वों की जीवनियाँ पढ़ने की सलाह दी, ताकि उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा जा सके।





