
नई दिल्ली: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हिंसा एक बार फिर बढ़ गई है। पक्तिका प्रांत में पाकिस्तान द्वारा कथित हवाई हमले में तीन क्रिकेटर सहित कुल आठ लोगों के मारे जाने की खबर आई है। इस बर्बर घटना के बीच अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने तीखा बयान जारी किया है और एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के दोहा के लिए रवाना होने की जानकारी दी।
मुजाहिद ने कहा कि “अल्लाह के नाम पर… इस्लामिक अमीरात का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, देश के रक्षा मंत्री आदरणीय मौलवी मोहम्मद याकूब मुजाहिद के नेतृत्व में, दोहा के लिए रवाना हुआ।” उनका कहना था कि यह कदम पहले से चल रही वार्ता की प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तानी पक्ष से बातचीत होनी थी।
प्रवक्ता ने बताया कि कल रात पाकिस्तानी सैनिकों ने फिर से पक्तिका प्रांत में नागरिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए, जिनके परिणामस्वरूप कई नागरिक घायल और शहीद हुए। मुजाहिद ने पाकिस्तानी बलों की इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन है और ऐसे हमलों को भड़काऊ तथा संघर्ष को लंबा खींचने वाला बताया।
फिर भी मुजाहिद ने जोड़ा कि “इ슬ामिक अमीरात पाकिस्तानी बलों के आक्रमण का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है, लेकिन वार्ता टीम की गरिमा और सम्मान बनाए रखने के लिए मुजाहिदीन नई कार्रवाइयों से परहेज करेंगे।” उन्होंने दोहराया कि अफगानिस्तान शांतिपूर्ण समाधान तथा क्षेत्रीय सुरक्षा में विश्वास रखता है, लेकिन वर्तमान हालात पाकिस्तानी आक्रामकता का परिणाम हैं।
इस बीच मीडिया में पहले रिपोर्ट आई थीं कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच दोहा में बातचीत हो सकती है; आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के बावजूद अफगानी प्रतिनिधिमंडल इसी बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हो चुका है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के तौर पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा: “मैं समझता हूँ कि पाकिस्तान ने हमला किया है, या अफगानिस्तान पर हमला हो रहा है। अगर मुझे इसे सुलझाना है, तो यह मेरे लिए आसान है… मुझे लोगों को मरने से रोकना पसंद है।” ट्रम्प ने कहा कि वह युद्ध सुलझाना पसंद करते हैं क्योंकि इससे बहुसंख्यक जानें बचाई जा सकती हैं।
स्थिति अभी नाज़ुक बनी हुई है और दोनों पक्षों के बीच तनाव और हिंसा बढ़ने के बीच दोहा में संभावित वार्ता को शांति की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।




