
- रिपोर्ट: सुरेश त्रिपाठी
जनपद बलरामपुर के विकास खंड तुलसीपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पूरनपुर में विकास के नाम पर सामने आई दुर्लभ तस्वीरें शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। गांव में करोड़ों रुपये के भुगतान के बावजूद जमीनी स्तर पर विकास का कोई ठोस प्रमाण नहीं दिख रहा, जबकि कागजों में पंचायत को आदर्श बनाने के दावे किए जा रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राम पंचायत के प्रधान के द्वारा बीते 4 वर्षों के कार्यकाल में लगभग कार्य सिर्फ कागजों तक सीमित रहा बाकी पंचायत की स्थित बदहाल है ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्रधान के द्वारा करवाया गया विकास कार्यों का सत्यापन किसने किया और भुगतान किसके डोंगल से कराया गया।
ग्राम पंचायत पूरनपुर में निर्माण, रंगाई-पुताई और मेंटेनेंस और नवनिर्माण के नाम पर लाखों रुपये निकाले गए, लेकिन पंचायत भवन की तस्वीर आज भी बदहाल है। बाउंड्री टूटी हुई है, टाइल्स क्षतिग्रस्त हैं, परिसर में गंदगी फैली है और शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है। गांव में सड़क, नाली, पेयजल जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, यहां तक कि एक वर्ष पूर्व लाखो की लागत से बना आरसी सेंटर की तस्वीर बताती है कि गांव में विकास कैसा है फिर भी कागजों में विकास कार्य पूरे और गुणवत्तापूर्ण दिखाए जा रहे हैं।
आरोप है कि बीते पांच वर्षों में ग्राम पंचायत में करोड़ों रुपये का भुगतान हुआ, लेकिन समुचित विकास कार्य धरातल पर नजर नहीं आता। यदि विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच और भौतिक सत्यापन कराया जाए, तो ग्राम पंचायत में हुए कथित विकास की सच्चाई खुद सामने आ जाएगी।
मामले में जब ग्राम प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा। वहीं ग्राम पंचायत सचिव से बात करने पर भी विकास कार्यों को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और फोन काट दिया गया । अब सवाल यह उठता है की आखिर क्या ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों की हो पाएगी भौतिक सत्यापन और संबंधितों पर हो पाएगी कड़ी कार्यवाही या फिर ग्रामीण समस्याओं से होते रहेंगे दो-चार और संबंधित सोते रहेंगे कुंभकर्नेणी नींद बड़ा सवाल??





