
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ। आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति मानदेय में की गई हालिया वृद्धि के लिए सीएम योगी का हृदय से आभार प्रकट किया है।
साथ ही कुछ अन्य बिंदुओं पर पत्र के माध्यम से सीएम योगी से आग्रह किया कि फील्ड स्तर पर बढ़ते कार्यभार और व्याप्त विसंगतियों की ओर आकृष्ट करना चाहते है।
उन्होंने कहा कि डाटा ऑपरेटर के अतिरिक्त कार्य (सी बैंक फार्म, ई कवच) महोदय वर्तमान में आशा एवं संगिनियों से स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ डाटा ऑपरेटर की तरह कठिन तकनीकी कार्य लिए जा रहे हैं। इसमें ई कवच पोर्टल पर सर्वे, गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) हेतु सी-बैंक फॉर्म की विस्तृत फीडिंग, आयुष्मान कार्ड बनाना, आभा कार्ड फीडिंग और दस्तक अभियान की ऑनलाइन रिपोर्टिंग शामिल है। इन जटिल तकनीकी कार्यों के बदले हमें कोई निश्चित पारिश्रमिक नहीं मिलता।
निश्चित मानदेय की मांग (रू-18,000 एवं रू-24,000) कार्यभार की अधिकता और तकनीकी दक्षता को देखते हुए, राज्य सरकार द्वारा पूर्व में दिए जा रहे रू-1,500 और हालिया घोषित मानदेय वृद्धि को सम्मिलित करते हुए, आशा हेतु रू-18,000 तथा संगिनी हेतु रू-24,000 का एक निश्चित एकमुश्त मानदेय निर्धारित किया जाए। इससे अधिकारियों की मनमानी खत्म होगी और पूरा पैसा सीधे बैंक खाते में आएगा।
इससे सरकार के ऊपर कोई अतिरिक्त भर नहीं पड़ेगा तथा आशा और आशा संगनी के बीच में सरकार की छवि भी अच्छी बनेगी।
एनएचएम घोटालों और भ्रष्टाचार पर रोक वर्तमान में एनएचएम के अंतर्गत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के वितरण में भारी विसंगतियां और तमाम घोटाले होते हैं। बीसीपीएम और अन्य अधिकारियों द्वारा की जाने वाली बड़े पैमाने पर कटौती से आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं का भयानक आर्थिक शोषण होता है। एकमुश्त मानदेय की व्यवस्था एनएचएम के इन तमाम घोटालों पर पूर्ण विराम लगा देगी।
बीसीपीएम की मनमानी से सुख्खा वर्तमान व्यवस्था में यदि केंद्र की राशि में वीसीपीएम द्वारा किसी भी कारण से कटौती की जाती है, तो राज्य सरकार के हिस्से वाले रू-1,500 में भी कटौती कर दी जाती है। एकमुश्त मानदेय होने से यह तकनीकी शोषण बंद होगा और हमें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
समित कार्यकत्रियों को पूर्ण विश्वास है, कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध आपकी जीरो टॉलरेंस नीति और महिला सशक्तिकरण के संकल्प के तहत आप हमें इस शोषणकारी व्यवस्था से मुक्ति दिलाकर एक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य प्रदान करेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समस्त सदस्य, आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति की मुख्यमंत्री से गुहार, आशा-संगिनी को दो अधिकार।


