
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: श्रीलंका में पर्यटन आगमन ने इस वर्ष एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, और भारत इसमें शीर्ष योगदानकर्ता बनकर उभरा है। जनवरी से मई 2025 के बीच श्रीलंका ने कुल 10,29,803 पर्यटकों का स्वागत किया, जिनमें से 2,04,060 पर्यटक भारत से थे। यह आंकड़ा 20% की हिस्सेदारी के साथ यह दर्शाता है कि श्रीलंका भारतीय पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा अंतरराष्ट्रीय गंतव्य बनता जा रहा है।
श्रीलंका टूरिज़्म इस रुझान को और मज़बूत करने के लिए भारत में अपने प्रचार अभियान को तेज कर रहा है। इसी क्रम में 23, 25 और 27 जून 2025 को लखनऊ, चंडीगढ़ और जयपुर में एक विशेष बी2बी रोडशो और नेटवर्किंग इवेंट्स की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जैसे प्रमुख राज्यों से अधिक भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करना है।
इस पहल की अगुवाई श्रीलंका के विदेश मामलों, प्रवासी श्रमिकों और पर्यटन मंत्री विजीथा हेराथ और पर्यटन उप मंत्री प्रो. रुवान रणसिंघे कर रहे हैं। इस अभियान में SLTPB (श्रीलंका टूरिज़्म प्रमोशन ब्यूरो) और SLCB (श्रीलंका कन्वेंशन ब्यूरो) के वरिष्ठ अधिकारी एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 35 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें प्रमुख होटल, रिसॉर्ट्स, टूर ऑपरेटर, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियां और अन्य सेवा प्रदाता सम्मिलित हैं।
हर शहर में आयोजित कार्यक्रमों में 200 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे, जिनमें भारतीय ट्रैवल एजेंट्स, उद्योग विशेषज्ञ और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में श्रीलंका की पारंपरिक नृत्य मंडली भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देगी, जिससे द्वीप राष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक मिलेगी।

इन आयोजनों का उद्देश्य श्रीलंका को वर्षभर उपयुक्त और बहुआयामी पर्यटन अनुभव प्रदान करने वाले देश के रूप में प्रस्तुत करना है — जिसमें शांति और प्राकृतिक सौंदर्य, साहसिक गतिविधियाँ, आध्यात्मिक स्थल, विलासिता और संस्कृति का अनोखा संगम है।
श्रीलंका की पर्यटन आय पहले छह महीनों में ही USD 1.54 बिलियन पार कर चुकी है, जो इस उद्योग के तीव्र पुनरुत्थान को दर्शाता है। भारत और श्रीलंका के बीच पर्यटन सहयोग को और सशक्त करने के लिए यह अभियान एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक प्रयास है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई मिलेगी।
इस व्यापक प्रचार अभियान के माध्यम से श्रीलंका न केवल एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में अपनी छवि को मजबूत कर रहा है, बल्कि भारतीय पर्यटकों को बार-बार लौटने के लिए आमंत्रित भी कर रहा है।





