
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र स्थित तुलसी अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल ने मरीज से इलाज के नाम पर 3.5 लाख रुपये वसूल लिए, लेकिन न तो सही इलाज हुआ और न ही मरीज की हालत में कोई सुधार आया।
जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन के बाद मरीज की तबीयत और बिगड़ गई, लेकिन इसके बावजूद तीन दिन बाद अस्पताल ने मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। मरीज के टांकों में सूजन हो गई और परिजनों को दूसरे अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन कराना पड़ा।
वर्तमान में मरीज की स्थिति गंभीर बनी हुई है – पेट में पाइप, पेशाब की नली लगी है और सांस लेने में भी कठिनाई हो रही है।
परिजनों का आरोप है कि अब अस्पताल प्रबंधन अतिरिक्त 2 लाख रुपये की मांग कर रहा है और पैसे न देने पर इलाज रोकने की धमकी दे रहा है। साथ ही, अस्पताल मरीज को जबरन घर भेजने का दबाव भी बना रहा है और इलाज की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
मरीज के परिवार ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते उचित इलाज न मिला तो मरीज की जान किसी भी वक्त जा सकती है।
परिवार की अपील है – “मरीज की जान बचाई जाए और अस्पताल की लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।”





