
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
देश की अखंडता, एकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोपरि मानने वाले महान नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र श्रद्धापूर्वक नमन करता है।
डॉ. मुखर्जी जी राष्ट्रीय एकता के प्रबल पक्षधर और सच्चे सूत्रधार थे। उन्होंने कभी भी राष्ट्रविरोधी ताक़तों से समझौता नहीं किया। पश्चिम बंगाल हो या जम्मू-कश्मीर, उन्होंने विभाजनकारी तत्वों का डटकर विरोध किया और जब राष्ट्रहित की बात आई तो उन्होंने नेहरू मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देने में भी संकोच नहीं किया।
भारत को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला राजनीतिक विकल्प देने के उद्देश्य से उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की। जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के संकल्प के लिए उन्होंने अपने प्राणों तक की आहुति दे दी।
मातृभूमि के ऐसे महान सपूत, श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का जीवन और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।





