
- रिपोर्ट: चंदन दुबे
मिर्जापुर:रतनगंज स्थित अर्बन चस्का रेस्टोरेंट में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सेमफोर्ड स्कूल, नटवा द्वारा एक विशेष कार्यक्रम —नारी से ही जीवन_ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाना और उनके योगदान को सम्मान देना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में कार्यरत महिलाओं को सम्मानित किया गया और सत्र 2025-26 का विशेष टेबल कैलेंडर भेंट किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्वेता मेहरोत्रा खत्री ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित कर रही हैं। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय है और वे नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, विद्यालय के प्रबंधक ई. विवेक बरनवाल, ने कहा, संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% हिस्सेदारी सुनिश्चित होने से उनकी भागीदारी मजबूत होगी और उनके अधिकारों तथा सुरक्षा से जुड़े विषयों को और अधिक प्रभावशाली ढंग से सदन में उठाया जा सकेगा। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा, जिससे न केवल नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि सामाजिक बदलाव की गति भी तेज होगी!!
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षा और जागरूकता ही महिला सशक्तिकरण की असली कुंजी है। जब महिलाएं शिक्षित होंगी, तो वे अपने अधिकारों को समझ सकेंगी और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकेंगी।
इस कार्यक्रम में रेखा श्रीवास्तव, स्वाति जायसवाल, शिप्रा बरनवाल, दीपा माला केशरी सहित कई अन्य गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने एकमत होकर इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम का समापन महिलाओं के सम्मान और उनके सशक्तिकरण के संकल्प के साथ किया गया।
मुख्य बिंदु:
- महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित कार्यक्रम —नारी से ही जीवन का आयोजन।
- महिलाओं के सम्मान में विशेष टेबल कैलेंडर का वितरण।
- शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को सराहा गया।
- ई. विवेक बरनवाल ने संसद में 33% आरक्षण की उपयोगिता पर जोर दिया।
- महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील।



