
-दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर महिला को दी थी जेल में जिंदगी बिताने की धमकी, फर्जी आरबीआई पत्र भेजकर कई दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट; प्रयागराज साइबर क्राइम पुलिस ने बिहार से आरोपी को दबोचा
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
Varanasi: प्रयागराज साइबर अपराधियों द्वारा डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने का मामला सामने आया है। प्रयागराज साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए बिहार के बांका जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड से संबंधित 8.50 लाख रुपये फ्रीज कराने में भी सफलता हासिल की है।
पुलिस के मुताबिक, लूकरगंज, खुल्दाबाद निवासी रचना चावला को साइबर अपराधियों ने दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर व्हाट्सएप कॉल किया था। आरोपियों ने महिला को बताया कि उनके आधार कार्ड से जुड़े दिल्ली के बैंक खाते में मनी लॉन्ड्रिंग का पैसा आया है और इसकी जांच चल रही है। गिरफ्तारी तथा परिवार को जिंदगीभर जेल में रखने की धमकी देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
आरोपियों ने 29 सितंबर से 7 अक्टूबर तक महिला को डिजिटल अरेस्ट रखकर ऑनलाइन सुनवाई का नाटक किया। इतना ही नहीं, विश्वास में लेने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का फर्जी पत्र भी भेजा गया। इसके बाद 7 अक्टूबर को महिला से 13.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
पीड़िता की शिकायत पर 9 अक्टूबर 2026 को साइबर क्राइम थाना प्रयागराज में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों की केवाईसी, धनराशि के लेन-देन, मोबाइल नंबरों की सीडीआर और डिजिटल निगरानी के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया।
इसी क्रम में बिहार के बांका जिले के बाराहाट थाना क्षेत्र के मघोटा गांव निवासी मोहम्मद अदनान (24) की संलिप्तता सामने आई। पुलिस टीम ने 1 नवंबर को उसके गांव के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बांका जिला न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक सफेद रंग का ओप्पो मोबाइल फोन और आरबीआई के फर्जी प्रपत्र बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इस साइबर ठगी से जुड़े 8.50 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इन पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था तथा पुलिस उपायुक्त गंगानगर/नोडल साइबर क्राइम के निर्देशन में कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक अर्जुन प्रसाद द्विवेदी, कांस्टेबल सुधांशू शेखर राय, सुनील यादव और रनवीर सिंह शामिल रहे।
पुलिस की नागरिकों से अपील
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पुलिस अधिकारी, सीबीआई, ईडी या अन्य जांच एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। कानून में डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की धमकी देकर पैसे मांगता है तो घबराएं नहीं और किसी भी खाते में रकम ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें अथवा [www.cybercrime.gov.in](https://www.cybercrime.gov.in?utm_source=chatgpt.com) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।




