
देहरादून: उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है। यहां के धार्मिक स्थल अपनी पौराणिक कथाओं, लोक मान्यताओं और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विशेष पहचान रखते हैं। ऐसा ही एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देहरादून से लगभग 12 से 15 किलोमीटर दूर स्थित मां संतला देवी मंदिर है। ऊंची पहाड़ी पर बना यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां से दून घाटी और शिवालिक पहाड़ियों का मनोरम दृश्य भी दिखाई देता है।
पहाड़ी पर स्थित है मां संतला देवी मंदिर
मां संतला देवी मंदिर देहरादून के जेंतनवाला और पंजाबीवाला क्षेत्र के पास स्थित है। पंजाबीवाला से मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग दो किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों को भी आकर्षित करता है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने साझा किया मंदिर का वीडियो
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मां संतला देवी मंदिर की विशेषता का उल्लेख किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर का वीडियो साझा करते हुए इसे देहरादून के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों में से एक बताया।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह पवित्र स्थल श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और विश्वास का प्रतीक है। उनके अनुसार, यहां दर्शन करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और दिव्य अनुभूति मिलती है। उन्होंने देहरादून आने वाले लोगों से भी मंदिर के दर्शन करने की अपील की।
मां संतला देवी मंदिर से जुड़ी है पौराणिक कथा
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन समय में इस स्थान पर मां संतला देवी और उनके भाई का किला हुआ करता था। प्रचलित लोककथा के मुताबिक, मुगल शासक औरंगजेब की सेना के आक्रमण के दौरान दोनों ने परिस्थितियों को कठिन देखकर हथियार त्याग दिए और ईश्वर की प्रार्थना की।
कहा जाता है कि इसके बाद यहां दिव्य प्रकाश प्रकट हुआ और मां संतला देवी तथा उनके भाई पत्थर की मूर्तियों में परिवर्तित हो गए। यह कथा स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था का हिस्सा है। हालांकि, इसे ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित घटना के बजाय प्रचलित लोकमान्यता के रूप में देखा जाना चाहिए।
शनिवार को विशेष महत्व, नवरात्र में उमड़ते हैं श्रद्धालु
मान्यता है कि मां संतला देवी और उनके भाई के मूर्ति रूप में प्रकट होने की घटना शनिवार को हुई थी। इसी कारण मंदिर में शनिवार के दिन विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। नवरात्र के दौरान भी यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
भक्त मां संतला देवी से संतान प्राप्ति और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। इस तरह यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल ही नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट संबंध, वीरता और श्रद्धा से जुड़ी लोककथाओं का भी प्रतीक माना जाता है।
मां संतला देवी मंदिर की खासियत इसकी धार्मिक मान्यताओं, पहाड़ी पर स्थित शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता का संगम है। देहरादून जाने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन के साथ दून घाटी के खूबसूरत नजारों का आनंद भी ले सकते हैं।




