
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका की कानूनी मुश्किलें जमानत मिलने के बाद भी खत्म नहीं हुई हैं। तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों नेताओं को नया समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों को गुरुवार दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 8:30 बजे दोनों नेता जेल से बाहर निकल रहे थे, तभी क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें समन सौंपा। इस घटनाक्रम के बाद दोनों नेताओं से जुड़े मामले में जांच आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं।
मजिस्ट्रेट कोर्ट से मिली जमानत, हिरासत बढ़ाने की मांग खारिज
इससे पहले बुधवार को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत ने दोनों नेताओं को राहत देते हुए उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली थी। दिल्ली पुलिस ने हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
हालांकि, जेल से बाहर आते ही क्राइम ब्रांच का समन मिलने के बाद दोनों नेताओं को एक बार फिर पुलिस पूछताछ का सामना करना होगा। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और पीस बॉन्ड उल्लंघन का आरोप
यह मामला 13 और 14 अक्टूबर को हुई घटनाओं से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, सौरभ दास और आशुतोष रांका को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप है कि दोनों नेता जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित किए जाने से संबंधित प्रतिबंधों के बावजूद बिना प्रशासनिक अनुमति के वहां प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
पुलिस का दावा है कि दोनों ने शांति बनाए रखने के लिए भरे गए पीस बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया और सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़े। इस मामले में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। इन आरोपों पर जांच जारी है।
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच, पूछताछ से जुड़े सवाल अहम
मामले की गंभीरता और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दोनों एफआईआर की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। जांच के दौरान पुलिस प्रदर्शन की परिस्थितियों, कथित पीस बॉन्ड उल्लंघन और दोनों नेताओं के बयानों की पड़ताल कर सकती है।
अब क्राइम ब्रांच की पूछताछ में इन घटनाओं से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगी। जमानत मिलने के बावजूद दोनों नेताओं को नए समन के बाद जांच में शामिल होना पड़ेगा।




