
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
Smartphones and Health: आज स्मार्टफोन पढ़ाई, नौकरी, मनोरंजन और सोशल मीडिया से लेकर रोजमर्रा के कामों का अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा और लगातार इस्तेमाल खासकर बच्चों, किशोरों और युवाओं के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत से सिरदर्द, नींद में कमी, एकाग्रता में परेशानी और मानसिक थकान जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
युवाओं में दिख रहे ये लक्षण
लगातार स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले युवाओं में बार-बार सिरदर्द, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, नींद की कमी, चक्कर, ब्रेन फॉग और चीजें भूलने जैसी शिकायतें सामने आ सकती हैं।
लगातार नोटिफिकेशन देखना, सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करना और बार-बार अलग-अलग ऐप पर जाना दिमाग को लगातार नई सूचनाओं के संपर्क में रखता है। इससे एक ही काम पर लंबे समय तक ध्यान बनाए रखना मुश्किल महसूस हो सकता है।
नींद और याददाश्त पर भी असर
देर रात तक स्मार्टफोन चलाने से नींद का प्राकृतिक चक्र प्रभावित हो सकता है। स्क्रीन की रोशनी और देर तक मोबाइल देखने की आदत नींद आने में बाधा डाल सकती है। पर्याप्त नींद नहीं मिलने पर अगले दिन एकाग्रता, याददाश्त और मानसिक प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा लगातार स्क्रीन इस्तेमाल करने से तनाव, चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
क्या है ‘टेक्स्ट नेक’?
मोबाइल देखते समय लंबे समय तक गर्दन झुकाए रखने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसे आमतौर पर ‘टेक्स्ट नेक’ कहा जाता है। लंबे समय तक गलत मुद्रा में मोबाइल इस्तेमाल करने से गर्दन में दर्द, कंधों में जकड़न और सिरदर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
लगातार स्क्रीन देखने से आंखों और दिमाग पर भी थकान महसूस हो सकती है, जिसे डिजिटल थकान कहा जाता है।
बच्चों और किशोरों के लिए ज्यादा सावधानी जरूरी
बच्चों और किशोरों में स्क्रीन टाइम को लेकर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। ज्यादा समय मोबाइल या अन्य स्क्रीन पर बिताने से उनकी नींद, पढ़ाई, शारीरिक गतिविधियों और दैनिक दिनचर्या पर असर पड़ सकता है।
इसलिए अभिभावकों को बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नजर रखने के साथ-साथ उन्हें खेलकूद और अन्य ऑफलाइन गतिविधियों के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए।
मोबाइल से दूरी नहीं, इस्तेमाल में संतुलन जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार समस्या स्मार्टफोन नहीं बल्कि उसका अनियंत्रित और अत्यधिक इस्तेमाल है। स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं:
- 20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट बाद करीब 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।
- लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने से बचें और बीच-बीच में ब्रेक लें।
- सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल का इस्तेमाल बंद करने की कोशिश करें।
- मोबाइल चलाते समय गर्दन और पीठ की मुद्रा सही रखें।
- नियमित व्यायाम करें और रोजाना कुछ समय खुली हवा में बिताएं।
- गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद रखें और सोशल मीडिया का समय सीमित करें।
- जरूरत के अनुसार ही स्मार्टफोन का इस्तेमाल करें और अपनी दैनिक स्क्रीन टाइम सीमा तय करें।
अगर सिरदर्द, नींद की समस्या, चक्कर, लगातार भूलने या एकाग्रता में परेशानी जैसी शिकायतें बनी रहती हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।




