
New Delhi: जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और आर्थिक आधार को भी आरक्षण नीति में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। छात्रों ने अपनी मांगों से संबंधित पत्र डिप्टी सीएम को सौंपा। ब्रजेश पाठक ने आश्वासन दिया कि छात्रों की मांगों और पत्र को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।
इससे पहले शुक्रवार शाम दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और अन्य प्रदर्शनकारी आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरक्षण और सकारात्मक भेदभाव से जुड़ी नीतियों में जाति के साथ आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
छात्रों ने समान अवसर की उठाई मांग
छात्र प्रतिनिधियों ने ब्रजेश पाठक के सामने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे रखे। उन्हें सौंपे गए पत्र में कहा गया कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में छात्रों के बीच मेरिट का अंतर दिखाई देता है। आंदोलन का उद्देश्य सभी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना है।
छात्रों ने मांग की कि प्रोफेशनल कोर्स और उच्च शिक्षा में किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो। इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव किए जाने चाहिए, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी क्षमता विकसित करने का बेहतर अवसर मिल सके। छात्रों ने शिक्षा क्षेत्र में सीटों और अवसरों की संख्या बढ़ाने की मांग भी रखी।
केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा पत्र
ब्रजेश पाठक ने कहा कि छात्र प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्रों की ओर से सौंपा गया पत्र भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।
डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
दो दिन में केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की कोशिश
ब्रजेश पाठक ने कहा कि छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों को अगले दो दिनों के भीतर केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही छात्र प्रतिनिधिमंडल की संबंधित केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कराने की भी कोशिश की जाएगी।
इस मुलाकात के बाद छात्रों को उम्मीद है कि उनकी मांगें अब केंद्र के स्तर तक पहुंचेंगी। हालांकि, मांगों पर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, यह केंद्रीय नेतृत्व के रुख पर निर्भर करेगा।
शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा
आंदोलन से जुड़े छात्र प्रतिनिधि हर्ष दुबे, मृत्युंजय पाठक और शिवा शर्मा समेत अन्य प्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे। हर्ष दुबे ने कहा कि छात्र अब तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं।
छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल कुछ विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने से जुड़ा है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसर बढ़ाने की मांग भी दोहराई।
जंतर-मंतर पर हुआ था प्रदर्शन
इससे पहले शुक्रवार शाम दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर जुटे थे। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण संबंधी नीतियों में आर्थिक आधार को भी अधिक महत्व देने की मांग उठाई थी।
अब ब्रजेश पाठक से हुई बातचीत के बाद आंदोलन की अगली दिशा केंद्रीय नेतृत्व के साथ होने वाली बातचीत पर टिकी है। छात्रों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उनकी मांगों पर केंद्र स्तर पर चर्चा आगे बढ़ेगी।




