
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बिजली व्यवस्था को लेकर एक बार फिर उपभोक्ताओं की नाराजगी सामने आई है। गौतम बिहार कॉलोनी समेत आसपास के इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़ालालपुर फीडर क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती होने के बावजूद समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करना भी मुश्किल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में बिजली सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने से गर्मी और उमस के बीच लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घरेलू कामकाज से लेकर छोटे कारोबार तक प्रभावित हो रहे हैं। बिजली कटौती की जानकारी और आपूर्ति बहाल होने का समय जानने के लिए उपभोक्ता संबंधित अधिकारियों और पावर हाउस के नंबरों पर फोन करते रहे, लेकिन कई लोगों का दावा है कि फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
घंटों कटौती, जवाब देने वाला कोई नहीं
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कटौती अब एक-दो घंटे की समस्या तक सीमित नहीं रह गई है। कई बार घंटों तक सप्लाई बाधित रहने के बाद भी लोगों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती कि बिजली कब तक आएगी।
सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर है कि शिकायत करने के लिए जिन अधिकारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए हैं, उन पर संपर्क करने में भी उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार फोन स्विच ऑफ मिलता है या संपर्क नहीं हो पाता।
‘बिजली कब आएगी?’—उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा स्पष्ट जवाब
बिजली कटौती के बीच उपभोक्ताओं का सीधा सवाल है कि यदि किसी तकनीकी खराबी या अन्य कारण से आपूर्ति बाधित है तो इसकी जानकारी समय पर क्यों नहीं दी जाती? खराबी दूर करने में कितना समय लगेगा, इसकी सूचना उपभोक्ताओं को क्यों नहीं मिलती?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की ओर से बेहतर आपूर्ति और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग नजर आ रही है।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
उपभोक्ताओं ने बड़ालालपुर फीडर से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि लगातार बिजली कटौती किसी तकनीकी समस्या, ओवरलोड या मेंटेनेंस के कारण हो रही है तो विभाग को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए और खराबी को जल्द से जल्द दूर करना चाहिए।
हालांकि, अधिकारियों द्वारा मोबाइल बंद रखने या जानबूझकर उपभोक्ताओं की शिकायतों की अनदेखी करने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह अधिकारियों द्वारा सरकारों को लेकर कथित रूप से की गई टिप्पणी की भी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
सरकार के 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों पर स्थानीय उपभोक्ताओं का सवाल
प्रदेश सरकार की निर्बाध बिजली आपूर्ति की नीति के बीच प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में घंटों बिजली गुल रहने की शिकायतें व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं की मांग है कि बिजली कटौती का वास्तविक कारण सार्वजनिक किया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और शिकायतों के लिए प्रभावी संपर्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब सवाल यह है कि गौतम बिहार कॉलोनी और आसपास के उपभोक्ताओं को आखिर कब मिलेगी निर्बाध बिजली और शिकायतों पर जिम्मेदार विभागीय अधिकारी कब जवाब देंगे?





