
-कला समाज को बेहतर बनाती है : वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। प्रयागराज भारतीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत आर्ट कॉन्क्लेव की ओर से शनिवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय कला एवं संस्कृति ‘रंग प्रयाग’ कला प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया गया। एनसीजेडसीसी की गांधी आर्ट गैलरी में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने किया।
इस अवसर पर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने प्रदर्शनी में शामिल सभी कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि “कला समाज को बेहतर बनाती है।” उन्होंने कहा कि समाज में कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह के आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। उन्होंने विभिन्न कलाकारों से उनकी कलाकृतियों और कला की बारीकियों पर चर्चा की तथा प्रदर्शनी के कैटलॉग का विमोचन भी किया।
भारत आर्ट कॉन्क्लेव के संस्थापक एवं निदेशक उत्कर्ष सिन्हा ने अतिथियों एवं कलाकारों का परिचय कराया। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों की विविध विषयों और शैलियों पर आधारित कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।

एनसीजेडसीसी की गांधी आर्ट गैलरी में आयोजित इस राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में गेस्ट कलाकारों के रूप में प्रो. डॉ. जूही शुक्ला, राज्य ललित कला अकादमी के सदस्य कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा, एमिनेंट आर्टिस्ट एवं संयोजक तलत महमूद, कसीम फारुकी, राजेंद्र भारती, डॉ. जाहेदा खानम, नीता श्रीवास्तव, पूर्व प्रधानाचार्य नागेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव एवं लक्ष्मी नारायण ने सहभागिता की।
वहीं आमंत्रित कलाकारों में राम रघुबीर मिश्रा, इरशाद अहमद, अर्चना पांडेय, शिल्पी रस्तोगी, कविता श्रीवास्तव, रेनू सिंह, इरम फातिमा, कु. आस्था, निधि अग्रवाल, सफूरा रेशाद, इकरा ज़फ़र, सुस्वेता सरकार, रेनू कुमारी, आंदरी चित्रांशी, दीपिका, सोनिका सिंह, अनुश्री अग्रवाल, पीयूष सिंह, सृष्टि कटिहार, वैभव मनी एवं अभिजीत श्रीवास्तव सहित अन्य कलाकारों ने अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित की।
कार्यक्रम में इनटैच के अध्यक्ष शंभू चोपड़ा, हाईकोर्ट के स्टैंडिंग काउंसिल अभिषेक श्रीवास्तव, अनुपम सिंह, डॉ. सईद अहमद, शायर सुनील दानिश, पवन यादव, रंजीता बोस, रेसादुल इस्लाम, गायिका साधना भारद्वाज एवं संजय मालवीय सहित कला एवं संस्कृति से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकारों की भावपूर्ण एवं विविधतापूर्ण कलाकृतियों ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। कलाकृतियों को देखकर कला प्रेमी और दर्शक भाव-विभोर नजर आए। तीन दिवसीय ‘रंग प्रयाग’ प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय कला, संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के विविध रंगों को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया।




