
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। चितईपुर थाना क्षेत्र के पोंगलपुर स्थित एक भूमि विवाद में न्यायालय के स्पष्ट स्थगन (स्टे) आदेश के बावजूद कथित रूप से आदेशों की अवहेलना और स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता का मामला सामने आया है। पीड़ित रामजी सिंह ने सहायक पुलिस आयुक्त (एडीसीपी) को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद विपक्षी पक्ष विवादित भूमि पर अवैध कब्जे, तोड़फोड़ और अतिक्रमण जैसी गतिविधियां करता रहा, जबकि क्षेत्रीय पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, भूमि विवाद का मामला सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय ने 10 नवंबर 2023 को यथास्थिति बनाए रखने तथा रास्ते में किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न करने का आदेश दिया था। आरोप है कि इसके बावजूद विपक्षी पक्ष ने रास्ते की खुदाई कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया, अवैध रूप से दीवार खड़ी कर दी और परिसर में लगे कीमती शीशम एवं आम के पेड़ों को भी काट दिया।
पीड़ित का कहना है कि घटना की सूचना कई बार थाना चितईपुर को दी गई, लेकिन पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि इसी निष्क्रियता के कारण विपक्षी पक्ष लगातार न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करता रहा और उसके हौसले बढ़ते गए।
रामजी सिंह ने एडीसीपी से मांग की है कि मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय के आदेश की अवहेलना, अवैध अतिक्रमण, तोड़फोड़, चोरी और धमकी जैसे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बाद भी समय पर कार्रवाई नहीं होती है, तो कानून के शासन और न्यायिक व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस अथवा विपक्षी पक्ष का पक्ष सामने आना शेष है।




