
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। जौनपुर जनपद में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जौनपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के निर्देश पर साइबर अपराध थाना की पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 92 हजार रुपये नकद, 10 फर्जी आधार कार्ड तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस गिरोह के फरार सरगना और अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस के अनुसार, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य पुलिस की सक्रियता के कारण जनपद छोड़कर भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने सिटी रेलवे स्टेशन के ऊपर बने पुल के नीचे घेराबंदी कर गुरुवार सुबह तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलशन सोनी, निवासी राजेपुर कजगांव थाना जफराबाद, सूरज उपाध्याय, निवासी हुसैनाबाद न्यू कॉलोनी थाना लाइन बाजार तथा अमन सिंह, निवासी उमरपुर हरिबंधनपुर थाना कोतवाली, जनपद जौनपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गुलशन और सूरज के खिलाफ पहले से भी विभिन्न थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दीपेश उर्फ दीपु नामक व्यक्ति द्वारा संचालित ठगी गिरोह के सदस्य हैं। गिरोह लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी कर प्राप्त धनराशि विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खातों में मंगवाता था। इसके बाद आरोपी एटीएम से नकदी निकालकर लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा गिरोह के सरगना को देते थे, जबकि शेष 20 प्रतिशत रकम आपस में बांट लेते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी वास्तविक पहचान छिपाने और विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाने के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार कर उनका उपयोग करते थे। पुलिस की कार्रवाई तेज होने पर गिरोह का सरगना फरार हो गया था, जबकि उसके तीन साथियों को भागने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने बरामद नकदी, फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर, गोपनीय संख्या या पहचान पत्र का उपयोग न करने दें। ऐसा करना अपराध की श्रेणी में आ सकता है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा, निरीक्षक देवानन्द रजक, निरीक्षक राकेश कुमार सिंह सहित साइबर अपराध थाना की पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




