
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने यात्रियों की सुरक्षा और “बचपन बचाओ अभियान” के तहत सराहनीय कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका और मानसिक रूप से अस्वस्थ यात्री को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलाया। इसके अलावा ट्रेन में छूटा यात्री का सामान भी उसके स्वामी को वापस सौंप दिया गया।
मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एस. रामकृष्णन के नेतृत्व में आरपीएफ लगातार रेल संपत्ति की सुरक्षा, यात्रियों की सहायता तथा मानव तस्करी की रोकथाम के लिए अभियान चला रही है।
आरपीएफ के अनुसार, 6 जुलाई को वाराणसी सिटी स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान हेड कांस्टेबल त्रिभुवन मिश्रा को प्लेटफॉर्म संख्या-2 और 3 पर एक 14 वर्षीय बालिका रोती हुई मिली। पूछताछ में उसने अपना नाम ज्ञानती निवासी अलीगढ़ बताया और कहा कि वह अपने पिता के साथ नानी के घर जा रही थी, लेकिन वाराणसी सिटी स्टेशन पर उनसे बिछड़ गई। आरपीएफ ने तत्काल बालिका को सुरक्षित पोस्ट पर लाकर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचना दी और आवश्यक कार्रवाई के लिए उसे चाइल्डलाइन के सुपुर्द कर दिया।
एक अन्य मामले में 7 जुलाई को 139 हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 15113 से यात्रा कर रहे मानसिक रूप से अस्वस्थ यात्री पतिराम सिंह अपने परिजनों से बिछड़ गए हैं। सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट कप्तानगंज की टीम सक्रिय हुई और उन्हें सुरक्षित खोज लिया गया। बाद में पहचान की औपचारिकताएं पूरी कर सहायक उपनिरीक्षक लालमन प्रसाद ने उन्हें उनके भतीजे अनुज कुमार सिंह के सुपुर्द कर दिया।
इसी क्रम में 6 जुलाई को गाड़ी संख्या 12562 के एस-3 कोच में बाल्टियों एवं अन्य सामान से भरा एक प्लास्टिक का बोरा लावारिस हालत में मिला। आरपीएफ ने सामान को सुरक्षित पोस्ट पर जमा कराया। अगले दिन मोतीलाल, निवासी आजमगढ़, पोस्ट पहुंचे और बताया कि नई दिल्ली से औड़िहार की यात्रा के दौरान उतरते समय उनका सामान ट्रेन में छूट गया था। पहचान और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरपीएफ ने उनका सामान उन्हें वापस सौंप दिया।





