
केरल में लंबे समय से जारी राजनीतिक चर्चाओं और कांग्रेस के अंदर चल रहे मंथन के बाद आखिरकार पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए वी.डी. सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी है। इस घोषणा के साथ ही कांग्रेस के भीतर पिछले कई दिनों से जारी लॉबिंग और असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआईसीसी नेताओं Ajay Maken और Deepa Dasmunshi ने संयुक्त रूप से वी.डी. सतीशन के नाम का औपचारिक ऐलान किया।
V. D. Satheesan फिलहाल केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और अब उन्हें राज्य के अगले मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर आगे किया गया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह फैसला विधायकों की राय, गठबंधन की स्थिति और जनता की सोच को ध्यान में रखते हुए आम सहमति से लिया गया है। कांग्रेस और यूडीएफ गठबंधन का मानना है कि सतीशन के नेतृत्व में पार्टी को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
कांग्रेस के अनुसार, सतीशन की छवि एक जमीनी, सक्रिय और जनसंपर्क में मजबूत नेता की रही है। खासकर युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। पार्टी ने इस बार अनुभवी चेहरों के बजाय अपेक्षाकृत युवा और आक्रामक नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है, जिसे आगामी राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
बीते करीब दस दिनों से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा था। इस रेस में वरिष्ठ नेता K. C. Venugopal और Ramesh Chennithala के नाम भी प्रमुखता से चर्चा में थे। दोनों नेताओं ने दिल्ली में पार्टी हाईकमान से मुलाकात कर अपनी दावेदारी रखी थी। सूत्रों के मुताबिक विभिन्न गुटों की ओर से अपने-अपने नेताओं के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश भी की गई।
हालांकि अंततः पार्टी नेतृत्व ने आगामी चुनावी परिस्थितियों और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए सतीशन को सबसे उपयुक्त चेहरा माना। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला कांग्रेस के लिए संगठनात्मक एकजुटता और चुनावी रणनीति दोनों के लिहाज से अहम साबित हो सकता है। साथ ही यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को भी इससे नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटने की अपील की है।




