
- रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि पड़ोसी देशों पाकिस्तान और नेपाल में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
पाकिस्तान में 37% से अधिक बढ़े दाम
पाकिस्तान में 28 फरवरी को पेट्रोल की कीमत 266.17 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर थी, जो 16 अप्रैल तक बढ़कर 366.58 रुपये प्रति लीटर हो गई। वहीं डीजल 280.86 रुपये से बढ़कर 385.54 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया।
इस तरह समीक्षा अवधि में पेट्रोल की कीमत में 37.74% और डीजल में 37.27% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नेपाल में सबसे महंगा ईंधन
नेपाल में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। बीते एक महीने में चार बार कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे दक्षिण एशिया में सबसे महंगा ईंधन नेपाल में मिल रहा है।
नेपाल में पेट्रोल की कीमत 154 नेपाली रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 219 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 156 रुपये से बढ़कर 207 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। यानी पेट्रोल में 42.20% और डीजल में 32.59% की बढ़ोतरी हुई है।
भारत में कीमतें स्थिर
भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों को स्थिर रखने का फैसला लिया है।
सरकार ने उठाया भार
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का बोझ खुद उठाने का निर्णय लिया है, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त भार न पड़े।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
वैश्विक स्तर पर भी बढ़े दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण दुनिया भर में ईंधन महंगा हुआ है। दक्षिण-पूर्व एशिया में कीमतें 30% से 50% तक बढ़ी हैं, जबकि उत्तरी अमेरिका में लगभग 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीकी देशों में करीब 50% तक वृद्धि दर्ज की गई है।
इस बीच भारत में कीमतों का स्थिर रहना आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।




