– धनधेनु ग्लोबल समिट, गौ आधारित प्राकृतिक खेती व ग्रामीण समृद्धि पर होगा वैश्विक मंथन
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी: काशी की पावन धरती पर आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय गौ महोत्सव 2026 DhanDhenu Global Summit 2026 के सफल एवं भव्य आयोजन को लेकर सर्किट हाउस, कचहरी वाराणसी में एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में गौ सेवा, गौ आधारित प्राकृतिक खेती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए व्यापक चर्चा की गई। यह आयोजन “ग्रामोदय से राष्ट्रोदय” के संकल्प तथा विकसित भारत @2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रामोदय से राष्ट्रोदय के विचार तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रोत्साहित गौ संरक्षण और गौ आधारित प्राकृतिक खेती के संकल्प से प्रेरित है।इस वैश्विक आयोजन का नेतृत्व सीए धनंजय ओझा (चेयरमैन, धनग्रुप एवं शिवशक्ति परिवार फाउंडेशन) द्वारा किया जा रहा है।बैठक के मुख्य अतिथि आचार्य श्याम बिहारी गुप्ता (अध्यक्ष, गौ सेवा आयोग उत्तर प्रदेश) ने कहा कि गौ आधारित प्राकृतिक खेती भारत की पारंपरिक कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और ग्रामीण रोजगार से भी जुड़ा हुआ है।
सीए धनंजय ओझा ने अपने संबोधन में कहा कि धनधेनु ग्लोबल समिट 2026 एक ऐसा वैश्विक मंच बनेगा, जहां देश-विदेश के शोधकर्ता, किसान, स्टार्टअप उद्यमी, नीति-निर्माता और कृषि विशेषज्ञ एक साथ आकर गौ आधारित प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और ग्रामीण उद्यमिता के नए मॉडल प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव भारत की परंपरागत कृषि संस्कृति को विश्व पटल पर स्थापित करने का कार्य करेगा। विश्व हिंदू महासंघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने भी इस दौरान विचार व्यक्त किया।
बैठक में उपस्थित सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, गौसेवकों, शिक्षाविदों और कृषक बंधुओं ने इस आयोजन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली बनाने के लिए अपने सुझाव रखे और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।आयोजन समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से यह महोत्सव ऐतिहासिक और युगांतकारी साबित होगा तथा ‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’ के संकल्प को नई दिशा देगा।



