
- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा
लखनऊ।इंदिरा नगर क्षेत्र स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यू.पी.एच.सी.) खरगापुर में वृहद स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में सैकड़ों मरीजों की विभिन्न गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग और जांच की गई तथा जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं।
यह स्वास्थ्य शिविर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह के निर्देशन और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अतुल कुमार सिंघल के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मयंक जलोटे ने की। शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करना और समय रहते उनका उपचार सुनिश्चित करना था।
प्रमुख जांच और उपचार
स्वास्थ्य शिविर में मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच की गई, जिनमें शामिल हैं—
कैंसर स्क्रीनिंग: ओरल (मुख) कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर की विस्तृत जांच।
क्षय रोग (टीबी) स्क्रीनिंग: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत संभावित मरीजों की पहचान।
जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां: मधुमेह (डायबिटीज) और उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) की जांच।
सामान्य चिकित्सा: मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों का उपचार और निःशुल्क दवा वितरण।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने दी सेवाएं
शिविर में अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं, जिनमें डॉ. एस.पी. आर्य (वरिष्ठ फिजिशियन), डॉ. जे.पी. श्रीवास्तव (दंत चिकित्सक) और डॉ. सौम्या सिंह (महिला चिकित्सक) प्रमुख रूप से शामिल रहीं। साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ ने मरीजों के पंजीकरण और प्राथमिक जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्षय रोग उन्मूलन पर विशेष जोर
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को मजबूत करने के उद्देश्य से डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की टीबी इकाई से विशेषज्ञ टीम भी उपस्थित रही। इस टीम में वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक अरुण कुमार, वरिष्ठ टीबी प्रयोगशाला पर्यवेक्षक पीयूष कुमार सिंह और टीबी स्वास्थ्य परिदर्शक सुधीर कुमार सिंह शामिल रहे। उन्होंने मरीजों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे शिविरों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और समय रहते उपचार संभव हो पाता है।


