
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। कैंट थाना क्षेत्र में 24 साल पहले टकसाल सिनेमा के पास पूर्व सांसद धंनजय सिंह पर हुआ जानलेवा हमले का मामला फिर गरमा गया है। धनंजय सिंह पर हमले के आरोपियों में नामजद चार हमलावरों को गैंगस्टर केस में बरी होने के बाद मुख्य केस का ट्रायल तेज हो गया है। जिसको लेकर विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में गुरुवार को सुनवाई हुई।
पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में बचाव पक्ष के दूसरे गवाह फैजाबाद के तत्कालीन सरकारी फार्मास्टिक शुभकरण यादव से पुनः जिरह वीडियो कान्फ्रेंसी के माध्यम से हुई, इस दौरान अभियोजन के तरफ़ से फार्मास्टिक से कई सवाल पूछे गए। वादी पूर्व सांसद धनंजय सिंह की ओर से धारा 311 का प्रार्थना-पत्र दिया गया था। जिस मामले में प्ली ऑफ एलीबाई से जुड़े दो प्रमुख गवाहो से आज जिरह पूरी हो गई। अब अगली सुनवाई के लिए अदालत 27 फरवरी की नियत तय कर दी।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से एडीजीसी विनय सिंह और वादी के निजी अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी, शशिकांत राय उर्फ चुन्ना, विपिन शर्मा, आदित्य वर्मा और आशुतोष सिंह सोनू ने पक्ष रखा। वही बचाव पक्ष की तरफ़ से अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह भी रहे।मालूम को कि चार अक्टूबर 2002 को तत्कालीन विधायक और पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी वाहन से जौनपुर लौट रहे थे। इसी दौरान वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा हॉल के पास बोलेरो से उतरे अभय सिंह और उनके 4–5 साथियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर, चालक समेत कई लोग घायल हो गए। इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घायलों को मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए। इस मामले में वादी धनंजय सिंह ने गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में नाम सामने आने पर पुलिस ने विनीत सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेन्द्र सिंह को भी नामजद कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।

