
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या। जिला चिकित्सालय में लावारिस व्यक्तियों के इलाज की व्यवस्था को लेकर सोमवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक लावारिस मरीज को भर्ती कराने के लिए समाजसेवी प्रदीप यादव को इमरजेंसी गेट पर धरना देना पड़ा। धरना शुरू होते ही चिकित्साकर्मियों ने भारी पुलिस बल बुला लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समाजसेवी प्रदीप यादव को रायबरेली चौराहे के पास एक व्यक्ति जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उन्होंने तत्काल एंबुलेंस की सहायता से उसे सुबह लगभग 11:20 बजे जिला चिकित्सालय पहुंचाया। आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने लावारिस होने का हवाला देकर तुरंत इलाज शुरू नहीं किया।

इसी के विरोध में प्रदीप यादव इमरजेंसी गेट पर धरने पर बैठ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। एसआईसी अजय चौधरी के हस्तक्षेप के बाद इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने मरीज का उपचार शुरू किया।

फिलहाल मरीज को मेडिकल वार्ड के बेड नंबर 32 पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल में कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला चिकित्सालय में लावारिस मरीजों के इलाज के लिए स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो।




