- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। सिगरा क्षेत्र में एक होटल कारोबारी पर 15 लाख रुपये की ठगी का गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि व्यापार में निवेश और मुनाफे का भरोसा दिलाकर अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच अलग-अलग माध्यमों से रकम ली गई, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी धनराशि वापस नहीं की गई। मामले में आरोपी के एक परिजन पर भी सहयोग का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
क्या है मामला
गाजीपुर जनपद के रानीपुर निवासी नीरज यादव ने सिगरा थाने में दी गई तहरीर में बताया कि बनारस के एक होटल/रेस्टोरेंट संचालक कमलेश यादव ने व्यापार विस्तार के नाम पर उनसे कुल 15,00,000 रुपये लिए। शिकायतकर्ता के अनुसार यह रकम अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच नगद और आरटीजीएस के जरिए दी गई थी।आरोप है कि सितंबर 2025 तक पूरी राशि लौटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला।
परिजन की भूमिका भी सवालों में
तहरीर में आरोपी के साले दिलीप यादव पर भी कथित रूप से सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि दोनों ने मिलकर विश्वास में लेकर रकम प्राप्त की और बाद में संपर्क से बचते रहे।
पुलिस कर रही जांच
सिगरा थाना प्रभारी के अनुसार शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और बैंक ट्रांजैक्शन की पड़ताल की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।





