
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। नरेश पाल सिंह महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे ने डीएफसीसीआईएल के परिचालन नियंत्रण केन्द्र प्रयागराज का निरीक्षण किया। महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे के रूप में कार्यभार संभालने के बाद डीएफसीसीआईएल में यह उनका पहला निरीक्षण रहा। यह निरीक्षण उत्तर मध्य रेलवे और डीएफसीसीआईएल के बीच नए कनेक्शन जैसे चुनार से न्यू डगमगपुर, भीमसेन से न्यू भीमसेन, एकदिल से न्यू एकदिल, मख्खनपुर से न्यू मख्खनपुर, टूंडला से न्यू टूंडला, तथा भारतीय रेलवे में चलने वाली सभी मालगाड़ियों को ईडीएफसी में स्थानांतरित करने के उद्देश्य के क्रम में किया गया।
माल के त्वरित एवं समयबद्ध परिवहन के लिए बजट 2026 में डानकुनी-सूरत डीएफसी के अंतर्गत नए कारीडोर के फाइनल लोकेशन सर्वे कार्य की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे ने सभी नियंत्रण अधिकारियों के साथ बातचीत की, परिचालन नियंत्रण केंद्र (ओ सी सी) में उपयोग में लाई जा रही सभी तकनीकी जानकारियों की समीक्षा की तथा सराहना की। महाप्रबंधक मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम और हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर मशीन के उपयोग और उसके परिणामों से प्रभावित और संतुष्ट थे।
अपने संबोधन के दौरान महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे ने ईडीएफसी में किए जा रहे ट्रेन संचालन की सराहना की तथा कृत्रिम बुद्धिमता(एआई) का प्रयोग कर क्रू बुकिंग के बारे मे निर्देश दिए, साथ ही एसेट विफलता को कम करने के लिए सभी विभागों को आपस मे सहयोग बनाने के दिशा निर्देश दिए। वर्तमान समय मे ईडीएफसी अपने उच्चतम क्षमता का उपयोग कर रही है।
महाप्रबंधक ने सभी अधिकारियों को सलाह दी है कि वे ट्रेन संचालन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सभी साथ लगे हुए जोनों जैसे कि पूर्व मध्य रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे , उत्तरी रेलवे के साथ समन्वय करें।
माघ मेला के दौरान जनवरी के महीने में औसतन 455 गाड़ियों का संचालन किया गया । दिनांक 29.01.2026 को न्यू पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से अधिकतम (अप दिशा में 101) और दिनांक 08.02.2026 को न्यू कानपुर से अधिकतम (डाउन दिशा में 94) मालगाड़ियों का संचालन ईडीएफसी पर किये जाने की महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे ने सराहना की ।
महाप्रबंधक ने सलाह दी कि उत्तर रेलवे , उत्तर मध्य रेलवे और ईसीआर से आने वाली ट्रेनों की संख्या में वृद्धि के साथ ईडीएफसी में लॉंगर लूप की की संख्या में वृद्धि की जानी चाहिए। महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे ने इंटरचेंज डिटेंशन से बचने के लिए सिंगल लाइन कनेक्शन को डबल लाइन करने पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। महाप्रबंधक ने कार्य के दायरे को अंतिम रूप देने, जैसे न्यू पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन वातानुकूलित रनिंग रूम इसी माह , और न्यू खुर्जा में बनाए जा रहे वातानुकूलित रनिंग रूम की जून माह के अंत तक अंतिम रूप देने को कहा। न्यू कानपुर जंक्शन के वातानुकूलित रनिंग रूम की क्षमता का विस्तार करने की चर्चा की ।
आने वाले समय में लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर इन रनिंग रूम में उचित आराम कर सकेंगे और बेहतरीन सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे, जिसमें मनोरंजन कक्ष आदि शामिल हैं।महाप्रबंधक ने भारतीय रेलवे में कोचिंग ट्रेनों की बेहतर समयबद्धता की भी प्रशंसा की और ईडीएफसी के प्रयास की सराहना की। यह ईडीएफसी में अधिकतम मालगाड़ियों की आवाजाही से कोचिंग ट्रेनों की बेहतर समयबद्धता को दर्शाता है।महाप्रबंधक ने बैठक के समापन पर कहा कि आने वाले महीनों में ईडीएफसी में मालगाड़ियों की संख्या में और वृद्धि होगी तथा उन्होंने नई उपलब्धियां हासिल करने में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।निरीक्षण के दौरान उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय और डीएफसीसीआईएल के अधिकारी मौजूद रहे।
शरत चंद्रायन, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे , अखिल शुक्ल सचिव महाप्रबंधक, ए बी सरन मुख्य महाप्रबंधक प्रयागराज, आशीष मिश्रा, महाप्रबंधक सुरक्षा, मन्नू प्रकाश दुबे महाप्रबंधक (संचालन और व्यवसाय विकास)-ईडीएफसी, मनुज सारस्वत उप मुख्य परियोजना प्रबंधक सिविल, प्रकाश चन्द्रा परियोजना प्रबंधक एसएण्डटी, राजनाथ उप परियोजना प्रबंधक, विद्युत, ब्रजेश स्मिथ उप परियोजना प्रबंधक, (संचालन और व्यवसाय विकास) और अन्य डीएफसी अधिकारी मौजूद रहे।


